December 2, 2011

Moral Story on Beauty in Hindi

Moral Story on Beauty in Hindi
 नयना
(बालहंस में प्रकाशित)

मायूस सा चेहरा और कांपते से कदम उठाये वह अपने स्कूल की तरफ बढ़ रही थी। आज नयना का नए स्कूल में पहला दिन था। कुदरत ने भी क्या भद्दा मजाक किया था नयना के साथ। बचपन में एक हादसे में उसने अपनी एक आँख खो दी थी और एक तरफ का चेहरा पूरा जल गया था। तभी से हमेशा खिलखिला कर हँसते रहने वाली नयना के जीवन में उदासी छा गयी थी।

कई बार वह अपना उपहास बनते हुए देखती। अपने सहपाठियों को हँस-हँस कर कानों में फुसफुसाते हुए देखा था उसने। इन सब बातों ने उसके मनोबल और आत्मविश्वास को खत्म सा कर दिया था। पर एक चीज ऐसी थी जो नयना में नयी स्फूर्ति भर देती थी, वह था नृत्य से उसका लगाव। मानो नृत्य में उसकी आत्मा बसती हो। नयना घंटों अकेले कमरे में नृत्य का अभ्यास करती थी। नृत्य ही उसके जीवन में अब उसका सबसे सच्चा और अच्छा साथी था।

नयना के नए स्कूल में एक जिला स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन होने वाला था। जब क्लास में एक टीचर नृत्य प्रतियोगिता में इच्छुक विद्यार्थियों के नाम लिखने आई तो नयना से बड़ी हिम्मत से अपना हाथ खड़ा किया। अध्यापिका विचित्र सी नजरों से उसे घूरकर और नाम लिखकर चली गयी। पीछे से एक छात्र बोला, ‘अब यह एक आँख वाली डांस करेगी। कहीं किसी से टकराकर गिर पड़ी तो?’ उस लड़के की बात सुन क्लास के सभी विद्यार्थी जोर-जोर से हंसने लगे। नयना को रोना आ गया।

विद्यालय की ओर से प्रतिनिधित्व करने के लिए एक छात्र/छात्रा को नृत्य के लिए चुना जाना था। अगले दिन सभी रूचि रखने वाले विद्यार्थियों को बारी-बारी से अपनी प्रस्तुति देने के लिए कहा गया। आखिर में नयना की बारी थी। पर उसका नाम आते ही टीचर ने कहा, ‘आज समय खत्म हो चुका है और नृत्य प्रतियोगिता के लिए उमा को चुन लिया गया है।’ यह कहकर अध्यापिका चली गयी। नयना उदास मन से घर आ गयी।

नृत्य प्रतियोगिता का दिन भी आ गया। उमा जिसे प्रस्तुति देनी थी वह नयना की पड़ौसी थी और उसने नृत्य के कई गुर नयना से ही सीखे थे। वह जानती थी नृत्य में नयना का कोई सानी नहीं था। उमा प्रतियोगी कक्ष में पहुँच गयी। तैयार होने में उसकी मदद के लिए नयना उसके साथ थी। अचानक उमा का पाँव फिसल गया और उसके पाँव में भयंकर मोच आ गयी। वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। अपने दर्द से ज्यादा उसे इस बात का भय सता रहा था कि अब वह नृत्य कैसे करेगी और टीचर से क्या कहेगी। उसमें किसी को भी चोट के बारे में बताने की हिम्मत नहीं थी। अचानक उसकी नज़र नयना पर पड़ी। उसने नयना से कहा, ‘तुम तुरंत मेरी पोशाक पहन लो और तैयार हो जाओ। आज मेरी जगह तुम्हें ही नृत्य करना होगा।’ यह कहते हुए उसने पोशाक नयना के हाथों में थमा दी।

नयना के हाथ कांपने लगे। उसके अन्दर छिपी प्रतिभा बाहर आने को छटपटाने लगी पर वह इतना साहस नहीं जुटा पा रही थी कि उमा की जगह नृत्य करने चली जाए। जब उमा रोने लगी तो नयना को वह पोशाक पहननी पड़ी। उसने जब दर्पण में अपना चेहरा देखा तो उसका मनोबल फिर गिरने लगा। लेकिन उमा के आसुंओं को देखकर उसने अपनी आँखों पर एक पट्टी बाँधी और जब उमा का नाम पुकारा गया तो वह मंच पर चली आई।

संगीत बजता इससे पहले ही उसने नृत्य करना शुरू कर दिया। उसके घुँघरू वैसे भी संगीत की ही रचना कर रहे थे। किसी को आभास भी नहीं हुआ कि संगीत नहीं बज रहा। उसकी प्रस्तुति में सभी मंत्र मुग्ध हो गए। ऐसा लग रहा था मानों वर्षों से नयना के ह्रदय में बसा तूफ़ान आज नृत्य के माध्यम से निकल रहा था। अपमान के कड़वे घूंट पीते-पीते जो दुःख, दर्द और रोष उसके अन्दर बसा था आज उसकी दासता उसका नृत्य सुना रहा था। बहुत देर हो गयी पर उसके पाँव नहीं रुके।

नयना की माँ भी नृत्य प्रतियोगिता देखने वहां आई थी। माँ की नज़र नयना के पांवों से बहते खून पर पड़ी। वह दौड़कर तुरंत मंच पर पहुंची और अपनी बेटी को गले से लगा लिया। माँ का स्पर्श पाते ही अपनी आँखों पर बंधी पट्टी हटाकर नयना फफक-फफककर रो पड़ी और बोली, ‘माँ, ईश्वर ने मुझसे मेरी सुन्दरता क्यों छीन ली? मैं थक चुकी हूँ लोगों के ताने सुन-सुनकर। मेरे साथ से सभी को शर्म महसूस होती है। इससे पहले कि सब मुझपे हंसने लगे आप मुझे घर ले चलो।’

माइक की वजह से नयना की आवाज़ सभी को सुनाई पड़ रही थी। उसका उपहास करने वाले सभी विद्यार्थी और अध्यापिका शर्म से सर नीचे झुकाए खड़े थे। सभागार जो पहले नयना की प्रस्तुति देखकर तालियों की घड़घड़ाहट से गूँज रहा था, नयना के शब्द सुनकर चारों तरफ चुप्पी छा गयी और सभी की आँखें भर आई।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने वाली जज महोदया अपनी कुर्सी से खड़ी हुई और नयना को गले लगाकर बोली ‘बेटी, तुम कुरूप नहीं तुम तो सुन्दरता का प्रतीक हो। तुम्हारे नृत्य की सुन्दरता ने सभी का मन मोह लिया है। तुम तो इस विद्यालय के प्रांगण में चमकने वाला सूरज हो, इस विद्यालय का सम्मान हो।’

यह कहकर जज महोदया ने जैसे ही प्रथम पुरस्कार की घोषणा करने के लिए माइक हाथ में लिया, चारों ओर से नयना-नयना के स्वर सुनाई देने लगे। जज महोदया ने नयना के हाथ में पुरस्कार थमाया और प्यार से उसके सर पर हाथ फेर उसे आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इतना प्यार और सम्मान देखकर नयना ख़ुशी से फूली नहीं समा रही थी। अब वह विद्यालय में सबकी चहेती बन गयी थी। नृत्य ने उसे नया जीवन जो दे दिया था।

Monika Jain ‘पंछी’
(02/12/2011)

November 3, 2011

Poem on Child Labour in Hindi


(1)

छोटू

आज जब छोटू को होटल में प्लेट धोते देखा
अपने बचपन के उसी समय में झांक कर मैंने देखा।

रोज नए चमचमाते बर्तनों में
मिल जाता था मुझे मनचाहा खाना
नहीं सोचा कभी भी
कैसे चमकते हैं ये बर्तन रोजाना?

श्रम मेरे लिए होता था बस
अपना स्कूल बैग स्कूल ले जाना
और दोस्तों के साथ
खेलते-खेलते थक जाना।

कागज के नोट तब समझ में न आते थे
पिग्गी बैंक में बस सिक्के ही छनछ्नाते थे।

मेहनत का फल होता है मीठा
माँ ने मुझे सिखाया था
पर मेहनत का मतलब बस
पढ़ना ही तो बताया था।

क्यों छोटू का बचपन, नहीं है बचपन जैसा
काश! न होता इस दुनिया में कोई बच्चा ऐसा।

Monika Jain 'पंछी'
(11/2012)


(2)

फूल जो खिले ही थे

फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए
और कहीं से धूल के कण आ गए
भेंट भ्रमरों से भी तो ना हो सकी
कोमल ह्रदय पे शूल कैसे छा गए।

दिन तो थे ये बाग़ में महकने के
पंछियों के संग-संग चहकने के
बहती हवा के संग-संग बहकने के
और सूरज की तरह लहकने के।
फिर कहाँ से ये अँधेरे छा गए
फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए।

मासूमियत कहाँ ये इनकी खो गयी
थी जो बचपन की रवानी सो गयी
मुस्कान जाने किधर इनकी बह गयी
इक कहानी जो अधूरी रह गयी।
मोड़ ये जीवन में कैसे आ गए
फूल जो खिले ही थे कुम्हला गए।

Monika Jain 'पंछी'
(02/03/2013)

October 14, 2011

Inspirational Poems in English


(1)

Never Give Up in Life

Never give up in life man!
Never give up in life.

Life is the greatest gift
No one is here misfit.

We need to know our goal
and Nicely play our role.

Why to fear with dark
When there are millions stars.

Why to sink in despair
When hope resides everywhere.

What a path without a turn
What a flower without a thorn?

What a joy without sadness
What a goal without weariness?

Everything is for a reason
Like we need every season.

Face the hurdles with a smile
Never give up in this life.

Monika Jain 'Panchhi'
(05/2012)

(2)

Hopes in My Heart will Never Die

I am walking on a thorny path
My only love has broken my heart
My truth is being considered a lie
But hopes in my heart will never die.

My life has become a horrible question
I wish I could find any solution
Everyone is making me cry
But hopes in my heart will never die.

Don't know when the situation will change
Don't know who is taking revenge
I can say with deep sigh
Hopes in my heart will never die.

My luck is not in my favor
But I will continue my endeavors
With all the odds, I would survive
Hopes in my heart will never die.

Monika Jain 'Panchhi'
(05/2012)

(3)

Just Move On

O sailor!
Don't frighten with storms
Waves will come and go
You just move on.

Don't afraid of fire
Don't fear of thorns
Your self confidence
will defeat all storms.

If truth and courage are your weapons
Have faith, nothing bad will happen
If hope resides in your eyes
You can win all the fights.

Your dreams will come true
You will reach to destination
You will light up the whole world
with Your courage and determination.

Monika Jain 'Panchhi'
(14/10/2011)

Life is not like fairy tales. Life is strange and full of surprises. Life is not only black and white or can’t be defined by two sides of the coin. Life has lots of shades and aspects. Whatever we wish many times we don’t get . Whatever we get, we never thought of that. But still life is beautiful and this beauty gives us courage to face all the hurdles and challenges at every step of life. Just like the joy, happiness, success, pleasure and comfort...sorrow, defeat, misery, failures etc are also the parts of life. One should always be ready to face all the challenges with courage, patience and determination, as these problems are the test of our inner strength and character. One should never give up in life. One should never let the hopes die. One should fight till his/her last breath.

September 12, 2011

Sad Poetry in English

Silent Cry

(1)

Neither overflow through tears
nor written on papers
There are some pains
that only resides within heart veins.

(2)

Tell the happiness not to knock my doors
I can’t even welcome them
Tell the dreams to search someone else's eyes
My eyes are moist can’t dare to weave them.

(10/10/2011)

(3)

Your desires, I wish!
could see my difficulties
But in front of your ambitions
you can’t see anything else
Your game of making alive
which is dead
and killing that again
How much my soul suffers
do you have any guess?

(4)

My efforts are continued to smile all the time
But these eyes are deceiving them
My efforts are continued to hide my wounds
But this world is digging into them.

(12/09/2011)

(5)

Every night sleeps in your thoughts
Every morning begins with your dreams
You have given me so much pain
that my soul cries even during sleep.

(6)

Neither by thundering clouds
nor by sparkling lights
I startled when there is a silent noise
In spite of denying my breath hear it
In this silence
A heart cries loud making no voice.

(7)

No destination, no desire, not a dream anymore
I am simply doing that gives peace to my heart
There would be a reason why i am breathing
Just because of that I am moving on the path.

(8)

If you stayed a stranger
so much would survive within me
The cost of knowing you
I paid losing myself
How to forgive you
How to forget everything
You character is still of disloyalty
wrapped in selfishness.

Monika Jain ‘Panchhi’

September 11, 2011

I Miss You Poem for Him in English


(1)

You Are My Entire World

When the raindrops touch my eyelids
It's you who flow as tears
When the wet soil spreads its fragrance
Your odor I feel everywhere.

When the sun rays knock my door
You become my morning
When I look at sunset
I feel you as the gust of evening.

The blue sky
reminds me your eyes
Remembrance of your naughtiness
is giving me butterflies.

You become the wish of my eyes
When I see at a shooting star
When the clouds roar
You become the beats of my heart.

I feel your presence
even in crowd
Distance keeps us apart
but you are always in my heart.

When I recall your voice
a smile comes on my face
I can feel the warmth
and gentleness of your embrace.

When I sleep at night
You become the dreams of my eyes
When I wish to write something
You become the words of my rhyme.

Lying in my bed
You are running in my head
You are not close many miles away
but you are always with me in thousand ways.

My love for you is endless
that can not be measured
You are my reason to live
and You are my entire world.

Monika Jain 'Panchhi'
(11/09/2011)

(2)

I’m Waiting...

You are not here
but your memories are with me forever.

Each of my talk is about you
All the time I think of you.

My every tear is in your memory
It's your feel that I always carry. 

In my dreams only you reside
My heart beats because you are inside.

You are the reason I breathe
It's your sweetness that shine on my teeth.

Every moment I'm waiting for you
Everything of mine is only for you.

Monika Jain 'Panchhi'
(09/2012)

When you are in love and your loved one is not with you, everything around remind you of him/her. You miss and feel his/her presence, smile, laugh, warmth, touch and everything about him/her.

June 9, 2011

Poem on Mother's Day in English

Mother is the most important person in our life. Mothers are strong, loving, caring, kind, our best friend, teacher and like god for us. They are incomparable.

(1)

You’re Most Beautiful

Mother!
You are God on earth.
You are creator of universe
Who gives birth.

You are like tree
Who gives shadow to birds.
You are like sun
Who gives light to the world.

You are like soil
Who gives life to plants.
You are most unique
We can't live without.

You are like rain shower in summer
You are like spring in autumn of life.
You always protect us from dangers
You are most beautiful and divine.

Monika Jain 'Panchhi'
(09/06/2011)

(2)

A Tribute to Mom

Mom,
May be sometimes I embarrassed you
Probably, I didn't listen when you say something
But still you say you proud on me
Even though I made you angry.

Mom,
Now I realize and I'm sorry
If I ever hurt you or said anything stupid
And I'm way too old to cry.

Foster care, 
you did your best to raise your sons
Our every little wish you tried to fulfill
Been a Santa on all christmas's
But you never let us see what you are hiding.

So many stresses and pain behind your smile
Thank you for being my mom and dad
Mom, please accept this as a tribute
My life is always owe to you
But I know I can't repay you.

Now it's my responsibility
to treat you as a God
Give you every little thing
So just put finger on any spot
Even I would sell myself
No matter what the cost.

Now if I get a new life
One without any cause
I'd spend it to fulfill your hopes.

Though, if it's my last ride
I am not afraid to die
Remember Mama,
you made me strong
And if you get this message
after I gone
Just know, I proudly say
I am your son.

And I'll introduce myself to God
I'm Chetan Dheer and son of Suman
And pointing at you from there
There she is my Mom.

Chetan Dheer

May 1, 2011

Story on Friendship in Hindi

बोनी और टोनी की दोस्ती

बोनी बन्दर और टोनी भालू दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। उनकी मित्रता की चर्चा पूरे सुन्दर वन में थी। दोनों एक दूसरे के लिए जान की बाजी लगाने को तैयार रहते थे। बोनी का अंगूरों का एक बगीचा था, जिसके अंगूर बहुत मीठे और रसीले थे। जबकि टोनी कपड़ों की सिलाई का काम करता था। बोनी हर रोज अपने बगीचे के अंगूर और टोनी के सिले हुए कपड़े बेचने बाजार जाता था। टोनी भी बोनी के बगीचे की देखरेख में उसकी बहुत मदद करता था। टोनी के रहते किसी की हिम्मत न होती कि बगीचे के अंगूर चुरा सके। इस तरह दोनों का काम बहुत अच्छे से चल रहा था।

कुछ ही दिन पहले चंपा लोमड़ी सुंदरवन में रहने आई थी। वह बहुत चालाक थी। जब उसे बोनी के मीठे और रसीले अंगूरों के बगीचे के बारे में पता चला तो उसका मन ललचा गया।

वह सोचती, ‘काश! मुझे हर रोज ये मीठे-मीठे अंगूर खाने को मिल जाए तो रोज-रोज ये भोजन ढूंढने के झंझट से ही छुटकारा मिल जाए।’

उसने एक तरकीब सोची। उसने अपनी मीठी-मीठी बातों से टोनी और बोनी से दोस्ती बढ़ाई और उनका विश्वास जीता।

एक दिन जब बोनी अंगूर और कपड़े बेचने बाजार गया तो चम्पा टोनी के पास आई और बोली, ‘बोनी भाई का जन्मदिन आने वाला है। आपने उनके लिए क्या खास सोचा है?’

‘खास तो कुछ नहीं। बस मैंने बोनी के लिए एक पोशाक सिली है, वही उसे तोहफे में दूंगा।’ टोनी ने कहा।

‘सिर्फ पोशाक से क्या होगा? आपको उनके लिए केक और मिठाई भी लानी चाहिए। आखिर वो आपके सबसे अच्छे दोस्त हैं।’ चंपा ने कहा।

‘तुम बिल्कुल सही कहती हो चंपा बहन! पर ये सब तो शहर में मिलता है और इस तरह बगीचे को छोड़कर मैं शहर में नहीं जा सकता।’ टोनी उदास होकर बोला।

‘आपने मुझे बहन कहा है तो क्या मैं आपके लिए इतना भी नहीं कर सकती। आप बेफिक्र होकर शहर जाइए और केक, मिठाई व सजावट का सामान ले आइये। शाम को बोनी भाई के आने से पहले लौट आइयेगा ताकि उन्हें कुछ पता ना चले और ये टोकरियाँ ले जाइए क्योंकि आपके पास बहुत सारा सामान होगा।’ चंपा ने बोनी के बगीचे से अंगूरों को भरने वाली कुछ खाली टोकरियाँ टोनी को थमाते हुए कहा।

टोनी चंपा की बातों में आ गया और चंपा को धन्यवाद कहकर शहर निकल गया।

टोनी के जाते ही चंपा लोमड़ी अंगूरों पर टूट पड़ी। उसने भरपेट अंगूर खाए और बोली, ‘वाह! मजा आ गया इतने रसीले और मीठे अंगूर खाकर।’

उसने बहुत सारे अंगूर तोड़कर अपने घर में भी छिपा लिए। इसके बाद वह दौड़ी-दौड़ी बाजार पहुँची और बोनी के पास जाकर बोली, ‘बोनी भाई, बोनी भाई! मैंने अभी-अभी टोनी भाई को बहुत सारे अंगूरों की टोकरियाँ भरकर शहर बेचने को ले जाते देखा है।’

‘क्या बोल रही हो चंपा बहन? तुम होश में तो हो? टोनी बिना मुझे बताये ऐसा कोई काम कभी नहीं कर सकता।’ बोनी पूरे विश्वास से बोला।

‘आपको मुझ पर विश्वास नहीं है तो आप खुद चलकर देख लीजिये। टोनी भाई वहाँ नहीं हैं।’ चंपा ने कहा।

चंपा के बार-बार कहने पर बोनी अपना सामान बांधकर बगीचे पर आया। बगीचे पर टोनी नहीं था।

बहुत सारे अंगूर और टोकरियाँ भी गायब थी। यह सब देखकर उसके होश उड़ गए। उसे बहुत दुःख हुआ और गुस्सा भी आया।

‘जिसे मैं अपना सबसे अच्छा दोस्त समझता था, उसी ने मेरे साथ धोखा किया। अब मैं टोनी से कभी बात नहीं करूँगा। तुम टोनी के ये कपड़े उसे लौटा देना और कह देना कि आज से वह मेरे बगीचे की ओर आँख उठाकर भी ना देखे।’ बोनी ने कपड़े चंपा के हाथों में देते हुए कहा।

‘ठीक है बोनी भाई, आप परेशान मत होइये और घर जाकर आराम कीजिये।’ चंपा ने कहा।

‘तुम बहुत अच्छी हो चंपा बहन! अगर तुम ना होती तो मुझे टोनी की सच्चाई का पता कभी ना चल पाता। मैं तुम्हारा यह अहसान कभी नहीं भूलूंगा।’ यह कहकर बोनी घर चला गया।

कुछ देर बाद टोनी शहर से लौटकर बगीचे पर आया। उसके आते ही चंपा लोमड़ी उसके पास आई और बोली, ‘टोनी भाई, आप जब शहर गए थे तब बोनी भाई यहाँ आये थे।’

मैंने पूछा तो वे बोले, ‘कई दिनों से मेरे बगीचे से अंगूर गायब हो रहे हैं। मैं ये देखना चाहता था कि मेरी अनुपस्थिति में टोनी अंगूरों का क्या करता है? आज उसकी चोरी पकड़ी गयी। वह बिना मुझे बताये शहर जाकर अंगूर बेचता है।’

मैंने उन्हें बार-बार समझाया कि आप शहर उनके लिए केक और मिठाई लाने गए हैं पर उन्होंने मेरी एक न सुनी और ये कपड़े लौटा दिए और कहा, ‘टोनी से कह देना आज के बाद मेरे बगीचे की ओर आँख उठाकर भी न देखे।’

टोनी को यह सब जानकार बहुत बुरा लगा। उसने सोचा, ‘जिसे मैं अपना सबसे अच्छा दोस्त समझता हूँ, वही मुझ पर भरोसा नहीं करता।’

गुस्से में टोनी केक और मिठाई वहीँ पटक कर चला गया। चंपा लोमड़ी को मुफ्त का केक और मिठाई भी खाने को मिल गयी।

अगले दिन बोनी पूरे दिन बगीचे पर ही था। चंपा वहाँ आई और बोली, ‘बोनी भाई, आज आप बाजार नहीं गए।’

‘मैं बाजार चला जाऊँगा तो बगीचे की रखवाली कौन करेगा?’ उदास बोनी ने कहा।

‘मेरे रहते आपको चिंता करने की कोई जरुरत नहीं। अगर आप चाहें तो अब से मैं आपके बगीचे की देखरेख कर लूंगी। बस हाँ, भोजन के समय मुझे घर जाना होगा।’ चंपा ने कहा।

‘भोजन के लिए तुम्हें कहीं ओर जाने की क्या जरूरत है? जब भी तुम्हें भूख लगे तुम बगीचे से अंगूर खा लेना। तुम मेरे लिए इतना कुछ कर रही हो तो क्या मैं तुम्हारे लिए इतना भी नहीं कर सकता।’ यह कहकर बोनी बाजार चला गया।

बोनी और टोनी कई बार रास्ते में एक दूसरे को मिलते पर बिना बात किये आगे बढ़ जाते। बचपन के इतने अच्छे दोस्त अब एक दूसरे को फूटी आँख भी ना सुहाते। पर जब से दोनों अलग हुए थे तब से ही उदास रहने लगे थे। दोनों के व्यवसाय में भी घाटा होने लगा था क्योंकि पहले तो टोनी बोनी के बगीचे की बहुत अच्छे से देखभाल करता था पर अब चंपा लोमड़ी इतना ध्यान नहीं देती थी और ढेर सारे अंगूर खा जाती थी। उधर टोनी अब खुद बाजार में कपड़े बेचने जाता था। पर वह बेचने की कला में माहिर नहीं था। इसलिए ज्यादा कपड़े नहीं बेच पाता। इसलिए दोनों बहुत परेशान रहने लगे।

बोनी और टोनी की दोस्ती टूटने की खबर पूरे सुन्दर वन में फ़ैल गयी। सभी को बहुत आश्चर्य हुआ।

जम्बो हाथी और लम्बू जिराफ दोनों सुन्दर वन में सबसे समझदार और वृद्ध थे। दोनों को जब ये खबर मिली तो उन्हें बहुत दुःख हुआ।

‘जब से ये चंपा लोमड़ी आई है तभी से सुंदरवन में सब उल्टा हो रहा है। कई जानवर चंपा की शिकायत लेकर आते हैं। जरुर चंपा ने ही कुछ किया होगा।’ जम्बो हाथी ने कहा।

‘आप बिल्कुल सही कहते हो जम्बो भाई! हमें टोनी और बोनी को वापस मिलाने और चंपा को सबक सिखाने के लिए कुछ सोचना चाहिए।’ लम्बू जिराफ ने कहा।

दोनों ने एक उपाय सोचा। जम्बो हाथी बहुत अच्छा चित्रकार था। उसने बचपन से ही बोनी और टोनी की दोस्ती देखी थी। उसने अपने घर के एक कमरे की दीवारों पर बोनी और टोनी की दोस्ती को दर्शाते, एक दूसरे को गले लगाते और एक दूसरे के साथ खेलते बोनी और टोनी के कई चित्र बनाये और बोनी और टोनी के घर अपने यहाँ दावत का निमंत्रण भेज दिया। जब शाम को बोनी और टोनी जम्बो हाथी के घर आये तो वहाँ कोई नहीं था और चारों तरफ उन दोनों के कई चित्र बने हुए थे। उन चित्रों को देखकर उनकी दोस्ती की यादें ताजा हो गयी और दोनों की आँखों में आंसू आ गए। पर फिर भी उन्होंने एक दूसरे से बात नहीं की और जाने लगे। तभी पीछे से जम्बो हाथी और लम्बू जिराफ आये।

‘बोनी और टोनी तुम दोनों को मैं बचपन से जानता हूँ और तुम्हारी दोस्ती को भी। तुम दोनों सपने में भी एक दूसरे का बुरा नहीं सोच सकते। जरुर तुम लोगों को कोई ग़लतफ़हमी हुई है। किसी दूसरे की बातों में आकर अपनी इतनी अच्छी दोस्ती मत तोड़ो। जो भी गलतफहमी है वह अभी दूर करो। मुझे बताओ क्या हुआ है?’ जम्बो हाथी ने कहा।

जम्बो हाथी की बात सुनकर दोनों ने जो-जो चंपा लोमड़ी ने उनसे कहा था वह सब बताया। सारी बातें सुनकर दोनों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें समझते देर न लगी कि चंपा लोमड़ी ने उन दोनों को झूठ बोलकर एक दूसरे के खिलाफ भड़काया था। उन्हें अपने किये पर बहुत पछतावा हुआ। दोनों ने एक दूसरे से माफ़ी मांगी, गले लगाया और कहा, ‘काका अगर आप दोनों ना होते तो हमें कभी सच का पता न चलता। आपका बहुत-बहुत आभार। अब हम उस चंपा लोमड़ी को नहीं छोड़ेंगे।’ यह कहकर दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा और लाठी लेकर चंपा के घर की तरफ गए।

चंपा ने जब दोनों को साथ-साथ लाठी लेकर आते देखा तो वह समझ गयी कि उसकी चोरी पकड़ी गयी है। वह दुम दबाकर भागने लगी। बोनी और टोनी ने तब तक उसका पीछा किया जब तक वह सुन्दर वन की सीमाओं से बहुत दूर नहीं चली गयी।

इसके बाद बोनी और टोनी ने वादा किया कि अब वे किसी और की बातों में आकर अपनी दोस्ती कभी नहीं तोड़ेंगे। बोनी और टोनी फिर से हँसी-ख़ुशी रहने लगे।

Monika Jain ‘पंछी’
(05/2011)

April 17, 2011

Poem on Positive Thinking and Positive Attitude in English

(1)


Why?

Sometimes I think :

Why the light is lost in dark every night?
Why the drops of dew are vaporized?
When waves have to return back
then why they hit to bankside?

and answers are like this :

If there was no dark,
Who would praise the light.
If the dew drops did not transpire,
Who would behold their beauty.
If the waves did not hit the coast again and again,
From where the sailor would get his inspiration
to fight for his dignity.

Monika Jain 'Panchhi'
(17/04/2011)

(2)


Keep the Doors Open

From every creature and object
we can learn something.
We can never claim
that we know everything.

No matter at which position we are
We are always like a student.
Whose learning continues throughout his life
in spite of his achievements.

We should never consider ourselves so great
that we close the doors of learnings.
‘No one is omniscient’
always remember this thing.

Criticism should always be taken
in a positive manner.
Critics are not our enemy
In fact in some way
they are our teachers.

If a thought is good and acceptable
welcome it with an open mind.
Always keep the doors open
to refine your thinking
and put your ego aside.

The differences of views
should never lead to differences of heart.
Because of the difference of opinion
never separate and never be apart.

Monika Jain ‘Panchhi’
(29/10/2013)

Every person connected to us directly or indirectly, each and every incident of our life, the nature, all the living beings, in fact every object of this universe make us learn something. We all heard the story of ant and spider in our childhood. Even an ant and a spider can show us the right direction in our life. So we should never consider anyone less than us. If a person is not agree with us and criticising us, we should take it in a positive way. We all have heard and read about ‘Ravan’. He was great pandit. But his ego destroyed the whole Lanka. So be open mind and always be ready for the refinement of your thoughts. Only the positive thinking and positive attitude can solve all the problems of our life. So recognize the power of positive attitude.

March 27, 2011

Poems about Life Struggles in English

(1)

Life is a Game

Life is a game
You may be a player or
You may be a toy.
Always be a player
Never be a toy.
If you will be player
You can rock the world
And if you will be a toy
You will be played by
each and every one.

Monika Jain ‘Panchhi’
(09/07/2008)

(2)

What is Life?

What is life?
Flowing water...
A never ending story...
After departure.

Thirst of flying bird
Search of misguided traveller
Hope of crying eyes
Feel of pain and pleasure.

Bread of poor
Castle of rich
Peak of mountain
Pearl of deep.

Sleeping in thorns
Sleeping in flower bed
Sometimes sad and
Sometimes glad.

What is life?
Flowing water...
A never ending story...
After departure.

Monika Jain 'Panchhi'
(27/03/2011)

(3)

Who Makes The History?

Life is not interesting to those
Who always live in shadow of flowers
Life is enjoyable to them
Who also know the pain of thorns.

Food is tasty for the one
Who can live without eating for some days
Nights are calm for the one
Who works hard whole the day.

Who never dry in the sunlight
can't find the nectar in water
Who is sitting on the edges
can't bring pearls from the water.

Who is not the part of rat race
and makes his own way and pace
His guts, courage and determination
takes him to the destination.

One who count his blessings instead of his crosses
One who count his gains instead of the losses
He always enjoy the life instead of his woes
His failures takes him on the way to success.

Who always greet life with a cheer
Who is courageous enough to fight with the fears
Who don’t give up when everything is wrong
Only he can make the life a beautiful song.

One who takes all the constraints in a positive way
One who keeps all the negative thoughts far away
He can live life to the fullest
and only he can get happiness and success.

One who keeps the hopes alive
and never afraid of difficult time
He makes the history
who faces all the odds to survive.

Monika Jain 'Panchhi'
 
(Inspired by Ramdhari Singh Dinkar)
(12/07/2013)

(4)

Keep Going

Life is challenging at every step
Keep going without any wait.

Whether you don't get any message of hope
Whether to climb on mountain there is no rope
Whether there is no lamp in the dark
Whether there are no stars to spark.

But don't afraid of any threat
Keep going without any wait.

Whether the destination is far away
Whether thorns are scattered on the way
Whether the path is filled with dust
Whether there is no one to trust.

There is nothing you can’t get
Keep going without any wait.

Monika Jain 'Panchhi'
(27/03/2011)

With joy, happiness, pleasure and success life also comes with challenges, problems, sorrow, defeat and constraints. But life is beautiful. We only need to face all the challenges and adversities with a positive attitude. We must get ready to deal any ups and downs with courage and patience. Instead of sitting and crying about anything bad happens with us, we should learn to overcome it. We should become optimistic and see the bright side of things. Hard times come and go. Perceive it in such a way that it make yourself a stronger and better person. There can be no gain without pain. So strive hard to get success in life.

March 22, 2011

Poem about Myself, Me and I in English


I Am A Poem...

I am a puzzle no one can solve
I am a notion no one can evolve.

I am a river with no direction
Flying bird with no restrictions.

Feel alone in worldly crowd
Poem of sky raining from clouds.

Friend of dreams never seen
Love to do that never been.

Like to walk without a way
Love to talk without a say.

Enjoy the fly without any wings
I am a cuckoo who love to sing.

Full of love, bright and coy
Affection and compassion are my joy.

Creative, self confident and smart
Sensitive and emotional at heart.

Love to write without any words
Love to draw wings of birds.

Lover of nature, sun and trees
A colored butterfly in cool breeze.

Lots of pain without relief
But I can hide all my grief.

Keep myself away from fears
Though fighting with struggles for many years.

I am stronger than any evil
Brave and courageous in the eye of a devil.

Battles in my heart shatters me apart
But I can stand adding pieces of my heart.

I am a flame no one can put out
I am a riddle no one can sort out.

I am a portrait no one can finish
I am a fire no one can extinguish.

I am a sky having no hillt.
I am a poem no one can complete.

Monika Jain 'Panchhi'
(22/03/2011)

March 21, 2011

Broken Heart Poetry in English


(1)

How Long?

How long I'll betray myself
How long I'll live in dreams
for the sake of this fake smile
How long I'll hide my scream?

My hidden tears often ask me
Why don't you let us flow
My hidden pain often complain
Why don't let others know?

How long I'll fool my heart
My whole world has fallen apart
How long I'll be in illusion
I know it’s not the real solution.

I wanna cry, I wanna scream
I wanna forget all my dreams
I wanna erase all bitter memories
I wanna end all painful stories.

Monika Jain ‘Panchhi’
(21/03/2011)

(2)

I Wanna Cry

Darkness surrounds me is getting bold
I am alone with no one to hold.
My world is left only with pain
Everything is lost, nothing to gain.

I am frightened and trapped
living a torturous nightmare
My life is filled with
emptiness and despair.

Now it’s difficult to wear smiling mask
Laughing in pain is the most difficult task.
Now this angel has lost her grace
The situations are too difficult to face.

I wanna cry for everything i have lost
I wanna cry because I’m tired of being strong.
I wanna cry because i can’t pretend anymore
I wanna cry because I am fed up for sure.

I wish I could be a kid again
I wish there would be someone to share my pain.
I wanna cry for hours, days and weeks
I wish there would be someone
to kiss tears of my cheeks.

Monika Jain ‘Panchhi’
(21/03/2011)

(3)

Old Memories Will Always Remind

Happiness! don't knock my door
I can't welcome you
Dreams! please search for other eyes
I am unable to hold you.

My heart is filled with pain
My eyes are filled with tears
How to welcome you both
When life is full of fears.

With so many broken dreams
I can't dare to dream again
With pieces of broken heart
I am unable to love again.

Love is not a game
that can be played any number of times
However hard you try
The old memories will always remind.

Monika Jain ‘Panchhi’ 
(10/10/2011)

(4)

Keep Your Sympathy

I don't need your sympathy
I don't need your condolence.
No one can take others pain
in exchange of happiness.
This is just a trade of deception
Love is a lie and mere illusion.

I am standing on the way
at the end of that  
there is always a new question.
Will you walk with me knowing that
We will never reach to any destination.

I know you are scared
and wanna neglect your promises.
That’s why I said,
‘Keep your sympathy with you sweetheart!
That can never heal wounds of my heart.’

Monika Jain ‘Panchhi’
(12/04/2013)

(5)

It’s Too Late

Your empty promises and lies
left me with broken and shattered heart
My trust and hope all is lost
It’s me who is paying the cost.
You say sorry and do it again
Finally I realized I made a mistake
But alas! it’s too late.

Monika Jain ‘Panchhi’
(2013)

February 28, 2011

How to Make Natural Holi Colours at Home in Hindi

How to Make Natural Colours for Holi at Home

होली के अवसर पर बाजार में मिलने वाले कृत्रिम रंगों में काले रंग में लेड ऑक्साइड, लाल रंग में मरकरी सल्फाइड, सिल्वर रंग में एल्युमीनियम ब्रोमाइड, हरे रंग में कॉपर सल्फेट और नीले रंग में प्रुसियन ब्लू आदि पदार्थ पाए जाते हैं। ये पदार्थ चर्म रोगों, एलर्जी और आँखों की रोशनी के लिए भी नुकसानदायक है। अस्थमा के मरीज के लिए या डस्ट एलर्जी से परेशान लोगों के लिए अबीर, गुलाल या सूखे रंग बेहद नुकसानदायक है। इन सभी नुकसानों से बचने के लिए हम घर पर भी हर्बल प्राकृतिक रंग बना सकते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद भी होते हैं और आसानी से उतारे भी जा सकते हैं। 

लाल रंग : 

  • दो चम्मच लाल चंदन (रक्त चंदन) को एक लीटर पानी में उबालने पर और ठंडा करने पर हमें औषधीय गुणों से युक्त लाल रंग मिलता है। 
  • बुरांश के फूलों को रात भर पानी में भिगोकर सुर्ख लाल रंग बनाया जा सकता है। 
  • गुड़हल के फूलों को सुखाकर और पीसकर लाल रंग बनाया जा सकता है। 
  • मूली और अनार के मिश्रण से लाल रंग तैयार किया जा सकता है। 
  • केसर उबालकर भी लाल रंग बनाया जा सकता है। 
  • इसी तरह लाल जवा फूल, टमाटर, पलाश या ढाक के फूल, मांदर और कुमकुम से भी लाल रंग बनाया जा सकता है। 

गुलाबी रंग : 

  • दस-बारह प्याज के छिलकों को आधा लीटर पानी में रात भर के लिए भिगोकर रख दें। सुबह छिलकों को हटा दें। गुलाबी रंग तैयार हो जाएगा। 
  • चुकंदर को कद्दूकस कर एक लीटर पानी में उबालें और पूरी रात भीगने के लिए छोड़ दें। गहरा गुलाबी रंग बन जाएगा। 
  • कचनार के फूलों को पानी में रात भर भिगोकर रखने या फिर उबालने से भी गुलाबी रंग बनाया जा सकता है। 

नीला रंग : 

  • केरल में मुख्य रूप से पाए जाने वाले नीले रंग के गुड़हल के फूल को सुखाकर व पीसकर नीला रंग बनाया जा सकता है। 
  • इसी तरह नील, अंगूर, बेरी, जकारंडा से नीला रंग बनाया जा सकता है। 

पीला रंग :

  • अमलतास और गेंदा के फूलों को सुखाकर और पीसकर भी पीला रंग बना सकते हैं। 
  • चार चम्मच बेसन में दो चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पीला रंग बनाया जा सकता है। 

नारंगी रंग : 

  • नींबू और हल्दी को मिलाकर नारंगी रंग बना सकते हैं। 

हरा रंग :

  • मेहन्दी की पत्तियों को सुखाकर उसका बारीक चूर्ण बनायें। इसमें आवश्यकतानुसार आटा या मैदा मिला लें। हरा रंग बन जाएगा। 
  • गुलमोहर की पत्तियों को सुखाकर, उसका महीन चूर्ण बनाकर, संतुलित मात्रा में मैदा या आटा मिलाकर हरा रंग बनाया जा सकता है। 
  • पालक को पीसकर भी हरा रंग बनाया जा सकता है। 

भूरा रंग : 

  • चाय की पत्तियों को पानी में उबालकर भूरा रंग बनाया जा सकता है। 

काला रंग :

  • काले अंगूर, आंवला, चारकोल आदि से काला व मटमैला रंग बना सकते हैं। 

January 1, 2011

Story on Happiness in Hindi

सच्ची ख़ुशी

एक दिन सवेरे-सवेरे जब छत पर पहुँची तो कुछ ही दूरी पर नगरपालिका द्वारा रखे गये कचरे के पात्र के पास कुछ छोटे-छोटे ग़रीब बच्चों को इकठ्ठा देखा। वो बच्चे उस कचरे के ढ़ेर में से कुछ प्लास्टिक की थैलियाँ और कुछ दूसरा सामान चुन-चुन कर अपने पास रखे एक बोरी के थैले में इकठ्ठा कर रहे थे। बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, पर देश के ये भावी कर्णधार जिन्हें विद्यालय की पोशाक पहन अभी अपनी कक्षा में होना चाहिए था, वो नन्हें-मुन्हें कूड़े-कचरे के ढ़ेर में अपना भविष्य तलाश कर रहे थे।

दिल पसीज सा गया और शर्मिंदगी भी महसूस हुई क्योंकि हम सच्चे अर्थों में कुछ भी तो नहीं करते समाज के इस तबके के लिए। शादी, पार्टीस और अन्य समारोह में कितना पैसा बहाते हैं, सिर्फ़ खुशी के कुछ पल पाने के लिए, पर ये खुशी उस खुशी के सामने तुच्छ है, गोण है जो किसी ग़रीब को एक वक्त का खाना खिलाने से मिल सकती है। उसके अधनंगे तन को कुछ कपड़ों से ढकने पर मिल सकती है और सबसे ज़्यादा उसे स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का पथ दिखा कर मिल सकती है। ये बाते सिर्फ़ कहने के लिए नहीं कह रही मैं। जीवन में सच में इसे अनुभव भी किया है।

कुछ महीनों पहले की ही बात है, जब मैं घर के कुछ कामों में व्यस्त थी। मुझे देखकर बाहर खड़ी दो ग़रीब लड़कियाँ दीदी-दीदी पुकारने लगी। खाना बना नहीं था अभी, पर नज़रे उनके फटे कपड़ों पे पड़ी। भीतर गयी और उनके आ सकने लायक कुछ कपड़ें निकाल लाई। उन्हें दिए और फिर से अपने काम में लग गयी। कमरे की खिड़की से सहसा उन बच्चियों पर नज़र पड़ी। वे बार बार चहचहाते हुए उन कपड़ों को खुद पे सजाकर देख रही थी। उनकी मुस्कुराहट देखकर मेरे चहरे पर भी मुस्कुराहट आ गयी। कुछ देर बाद बाहर से तेज आवाज़ आई, दीदी ठंकु। वो मुझे थैंक्यू कहना चाहती थी पर उनके इन आभार और खुशी भरे शब्दों में कितनी मासूमियत थी। उनके ये शब्द दिल को छू गये।

मैं तत्काल बाहर गयी। मुझे देख हाथ हिला कर वे मुझे अलविदा कर रही थी। मुस्कुराते हुए मैनें भी अपना हाथ हिला दिया। सोचने लगी कुछ भी तो नहीं किया था मैनें। कुछ ऐसे कपड़े जो शायद किसी के काम के भी नहीं थे, वे ही तो दिए थे उन्हें। पर पता नहीं क्यों उस दिन उन दोनों बच्चियों के चहरे की खुशी पूरे दिन मेरे चहरे पर मुस्कुराती रही। सोचा कि अगर सच्चे अर्थों में किसी के लिए कुछ करूँगी तो कितना सुकून और कितनी खुशी मिलेगी। उस दिन जाना की सच्ची खुशी क्या होती है। अक्सर कोई अच्छा कार्य करना हम अपना दायित्व मानते हैं, पर मुझे लगता है कि ज़रूरतमंद की मदद के लिए किया गया अच्छा कार्य हमारा दायित्व नहीं हमारा अधिकार है। सच्चे अर्थों में ख़ुशी पाने का अधिकार।

Monika Jain 'पंछी'
(01/2011)