December 25, 2012

Poem on Sparrow Bird in Hindi


मेरी चिड़िया मुझको ला दो
(कृषि गोल्डलाइन में प्रकाशित)

मैं जब छोटी गुड़िया थी
अंगना में आती चिड़िया थी। 

चुग्गा चुगने जब वो आती
उसे देखकर मैं मुस्काती। 

फुदक-फुदक वह गाना गाती
मैं उसको वह मुझे नचाती। 

अब जब मैं हो गयी सयानी
क्यों नहीं आती चिड़िया रानी?

सूना हो गया अंगना आज
ना देती चिड़िया आवाज़। 

कहाँ गयी हो चिड़िया रानी 
चुग लो दाना, पी लो पानी। 

चिड़िया के रैन बसेरों को
मानव ने काटा पेड़ों को। 

घर ना छीनो चिड़िया का
बचपन ना छीनो गुड़िया का। 

फिर से तुम कुछ पेड़ लगा दो
मेरी चिड़िया मुझको ला दो। 

Monika Jain 'पंछी'

Poem on Sparrow Bird in Hindi

December 24, 2012

Poem on Butterfly in Hindi


तितली आई

कल घर में एक तितली आई
उसे देखकर मैं मुस्काई।

मैंने बोला तितली रानी -
शरबत लोगी या फिर पानी?

वो बोली - कोई फूल खिला दो
मुस्कान मेरे चेहरे पर ला दो।

फूलों का मैं गमला लायी
जिसे देख तितली हर्षायी।

मैंने पूछा तितली से -
इतने रंग लायी हो कैसे?
मुझको भी उड़ना सिखलादो
रंग मुझे भी कुछ दिलवादो।

तितली मेरे पास में आई
कलम पे मेरी वो मंडराई -
कलम तुम्हारी उड़ान भरेगी
इस जग का हर रंग लिखेगी
पंख और रंग दोनों है इसमें
तभी तो मुझको लिखा है इसने।

बात मेरी जब समझ में आई
कलम पे मेरी मैं इतराई।

Monika Jain 'पंछी'
(24/12/2012)

December 17, 2012

Stop Rape Status in Hindi

Stop Rape Status

  • 11/08/2016 - कविता है...कविता नहीं है…
    क्रांतिकारी कविता है...अश्लील कविता है…
    कवि से कविता है...कविता से कवि है…
    कवि पुरुष है...कवि स्त्री है…
    फेक आई डी की कविता है...पाठक ही फेक है…
    ये तमाम द्वन्द्व स्वाभाविक हो तब भी बहुत अस्वाभाविक हो जाते हैं जब बस कवि और कविता बचती है, उसके शब्द बचते हैं लेकिन उसका विषय और उसकी पृष्ठभूमि नदारद हो जाती है। बलात्कार होता है, यह हमारी चिंता का विषय नहीं। हमारी चिंता का विषय उस पर लिखी गयी कविता है। और इस 'हम' से न लेखक अछूते हैं, न पाठक।
  • 19/07/2014 - बहुत हो लिए हम सब शर्मसार! कितना शर्मसार होएँगे और कब तक होते रहेंगे? शर्म आने के लिए दुनिया में शर्म जैसी कोई चीज बची भी है? इस शब्द को कुछ दिन खूँटी पर टांगते हैं और सीधा मुद्दे पर आते हैं। आज से, और अभी से हम सब लोग अपने जीवन में या खुद से जुड़े लोगों के जीवन में ऐसा कौनसा बदलाव करने वाले हैं जिससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन घटनाओं में कुछ तो कमी आये? ये बलात्कारी आसमान से तो टपक रहे नहीं है। हमारे ही घरों में पैदा हो रहे हैं। या फिर ये बलात्कार पुरुषों के किसी नए फैशन के रूप में आया है, वैसे ही जैसे ये शर्मशार शब्द आजकल बड़ा चलन में है। जो भी हो पर मैं जानना चाहती हूँ, शर्मसार होने के अलावा हमारी और क्या-क्या भूमिका होनी चाहिए? 
  • 23/01/2014 - बलात्कार! बलात्कार! बलात्कार! आखिर कब तक सुनना पड़ेगा ये शब्द?...कब तक? जिस शब्द को सुनकर, देखकर और पढ़कर ही रूह काँप उठती है, उसे अंजाम देने वाले दरिन्दे कौनसी दुनिया से आते हैं? अब तो उन्हें कोई अपशब्द कहना उन शब्दों का भी अपमान लगता है। जिस तरह से ये बलात्कार शब्द हमारे जीवन में अन्य सामान्य से शब्दों की तरह घुलता जा रहा है...बहुत डर लगता है। कहाँ जा रहा है हमारा समाज? कोई तो अंत हो ऐसी घटनाओं का? कभी तो ऐसा दिन आये जब ये शब्द सुनने को ना मिले...कभी तो? 
  • 18/12/2012 - हर बलात्कार की घटना पूरी नारी जाति की स्वतंत्रता और सहजता के घेरे को छोटे से छोटा करती जाती है और कहीं न कहीं हमारी मासूमियत का खात्मा भी। खुद का कहूँ तो कुछ समय पहले तक रात के 9-10 बजे भी अकेले घर से बाहर निकलने में कोई हिचक नहीं होती थी। परीक्षा के समय रात के 2-3-4 बजे भी छत पर अकेले पढ़ लेती थी। घर से दूर अनजाने शहर में कई जगह अकेले चले जाती थी। माँ-पापा के जरुरी काम से बाहर जाने कई बार अकेले घर पर रह चुकी हूँ। आवश्यक होने पर लड़कों से भरी क्लास में अकेले पढ़ चुकी हूँ। बाहरी दुनिया से इतनी अनजान कि कोई कुछ पूछे तो उसका सीधा-सीधा और सही जवाब देना ही आता था। कुछ छिटपुट घटनाएँ होती रही लेकिन उन्होंने तब तक कोई डर पैदा नहीं किया था। लेकिन अब जैसी घटनाएँ सुनने में आ रही है...कभी-कभी वह भी सोचना पड़ता है जो कभी नहीं सोचना चाहती थी। क्या स्त्री होना कोई अपराध है? या फिर समाज की नज़रों से परिभाषित तथाकथित स्त्री के तमगे को भूलकर एक इंसान की तरह जीने की ख्वाहिश कोई जुर्म? 
  • 29/12/2012 - मौत दामिनी की नहीं हुई है, मौत हुई है इंसानियत की। वह इंसानियत जो आज हर गली, हर चौराहे, हर नुक्कड़, हर घर और हर दिल में दम तोड़ती नज़र आ रही है। मैंने कई बार पढ़ा है कि मनुष्य सर्वश्रेष्ठ प्राणी है और मानव जीवन बहुत दुर्लभ है जो 84 हजार योनियों में भटकने के बाद मिलता है। लेकिन यदि यह तथाकथित सभ्य मानव समाज ऐसा है तो नहीं चाहिए ऐसा दुर्लभ मानव जन्म! दामिनी के साथ जो हुआ वह तो वीभत्स था ही...लेकिन मेरी सोच और समझ से बाहर है वे बलात्कार की घटनायें जो अभी भी बदस्तूर जारी है। पिता का बेटी के साथ दुष्कर्म, पड़ोसी का पड़ोसी के साथ दुष्कर्म, 6 महीने की बच्ची का बलात्कार ...क्या हो गया है लोगों को? दो पल की भूख के लिए किसी की जिंदगी नर्क से भी बद्दतर बना देने में नहीं हिचकते। एक छोटी मासूम सी बच्ची जिसे देखकर सिर्फ ममता उमड़नी चाहिए उसे भी अपनी दरिंदगी का शिकार बना देने वाले लोग कौनसी दुनिया के हैं?
  • 17/12/2012 - कल से देहली गैंग रेप पर कई पोस्ट्स पढ़ चुकी हूँ। हर बार कुछ भी पढ़ने के बाद बहुत कुछ होता है जो दिल से बाहर निकलना चाहता है, पर शब्दों के मामले में इतना असहाय खुद को कभी भी महसूस नहीं किया। किस अधिकार से कुछ भी कहूँ जबकि जानती हूँ कि कहने के अलावा क्या कर पाऊँगी मैं? अगर मेरा लिखा नहीं बदल सकता दूषित मानसिकताओं को तो ऐसा लिखना निरर्थक ही है न? 

Monika Jain ‘पंछी’

To stop rape is an issue that demands complete change of the system. Let’s start with our home and surrounding. 

December 2, 2012

Poem on Air Pollution in Hindi


प्रदूषण से तार-तार 

सांसों को भी मिलना मुश्किल
शुद्ध हवा का झोंका 
विकास और विज्ञान के नाम पर
कैसा है ये धोखा? 
अपना चैन-ओ-अमन हमने 
कैसी आग में झोंका
हे मानव! अपने क़दमों को
क्यों न तुमने रोका?

कुछ पाने की कीमत 
कितनी बड़ी ये हमने चुकाई है 
खुद अपनी सांसों को 
जहरीली हवा हमने पिलाई है। 
विज्ञान और विकास की ये 
कैसी आंधी आई है
खुद अपने हाथों ही हमने 
अपनी चिता सजाई है। 

नित रोज नए रोगों से लड़ना 
है हमको स्वीकार 
लेकिन कभी ना रोकेंगे 
हम विकास की रफ़्तार। 
प्रदूषण जब तक कर दे ना 
धरती को तार-तार 
तब तक रुकना नहीं हमें 
बिल्कुल भी स्वीकार। 

Monika Jain 'पंछी' 
(11/2012)

December 1, 2012

Poem on Blood Donation in English

(1)

Make Few More Blood Relations

To do a good deed
For someone who is in need
Donate your blood
It’s a great work indeed.

It’s priceless
It’s painless
Providing blood to a bloodless
is sign of kindness.

Donating blood is a gift from us
in the name of humanity
Blood donation is a noble act
It’s also a one way of
losing unwanted weight.

Donating blood is a satisfying feat
Our few pints of blood
can save some few lives
Our little time can give a person
second chance to survive.

Blood donation is not hazardous
It proves to be a healthy habit
It reduces the risk of heart diseases
By donating blood regularly
one can remain fit.

It transcend you above all barriers of
caste, creed and religion
It gives your life a true meaning
and It makes few more blood relations.

Monika Jain ‘Panchhi’
(12/2012)

(2)

Feel Good

Mom!
Don't be angry
It's something to feel proud
Your son doesn't give blood
In fact he takes blessings of many mothers around.

Mom!
There is nothing to worry about
Please try to realize
There is no weakness because of blood donation
In fact it saves someone's life.

Mom!
Our body is able to generate
the amount of donated blood
just within the next 24 hours
and This new blood spread
new energy and new power.

In every three months
We can donate blood
You can also try mom
It will really make you feel good.

Monika Jain 'Panchhi'
(Translation of a Poem)
(12/2012)

November 2, 2012

Poem on Child Labour in English


Save Childhood


Today I saw a child working in a hotel

In my childhood
I used to get food in shining pots
How those dishes were shining
that I never thought.

For me labour was just
to carry my bag to school
and Get tired of playing
with my dudes.

My mom taught
Fruits of labour are so sweet
But for me
Labor was just to read.

I wish that every child
gets such childhood
Children don't have to work
for their livelihood.

Monika Jain 'Panchhi'
(11/2012)

The issue of child labour is immoral and inhumane but in poor families every member has to work for his/her food. Little children instead of enjoying their school and games have to work to earn money. We can see such children at tea stalls, small restaurants, in mechanic shops, cleaning cars and working as shoeshines and in industries like match making, candle making etc. Child labour is a problem that can not be dealt only by making it illegal. This law is not able to fill the hungry stomachs of the poors. No child does this labour for fun. It is their necessity not the choice which make them work. So to stop child labour there is a need to provide basic necessities to these poor families and to make the education free and compulsory for each and every child. Childhood is the most beautiful and innocent phase in human life. But many children are losing their childhood for the sake of their livelihood. Measures need to be taken to stop this crime against these children.

November 1, 2012

Poem on Feelings and Emotions in English

Sky Dwells in Heart

Sky dwells in heart
Shows different castes.

Clouds of pain rain sometimes
Stars of joy twinkle at times.

Sometimes fog covers the heart
At times light shoos the dark.

Birds of dreams fly with wings
Sometimes frustration too pings.

Sometimes pleasant air flows
At time windstorm blows.

Sometimes rainbow spread colors
At times problems make them blurred.

Up and downs are part of life
In all the odds we should survive.

Whether sorrow or enjoyment
None of these are permanent.

Monika Jain 'Panchhi'
(11/2012)

October 25, 2012

Story of Two Sisters in Hindi


रीना और टीना
(बालहंस में प्रकाशित)

रीना और टीना दोनों जुड़वा बहनें थी पर स्वभाव से बिल्कुल अलग। रीना जहाँ शांत, मृदु और कोमल स्वभाव की थी वहीं टीना बहुत शैतान थी। दोनों आठवी क्लास में पढ़ती थी। रीना पढ़ाई में बहुत होशियार थी और हमेशा क्लास में अव्वल आती थी, जबकि टीना पढ़ाई की चोर थी। वह सजने-सँवरने, खेलने-कूदने और शैतानी में ही सारा समय निकाल देती थी। उसकी शैतानियों की वजह से उसके मम्मी पापा, टीचर और पड़ौसी सभी परेशान थे। हर रोज कोई न कोई उसकी शिकायत लेकर आ जाता था। मम्मी पापा कभी उसे प्यार से समझाते और कभी डांटते पर उस पर कोई असर न होता। जबकि रीना हमेशा अपने मम्मी पापा का कहना मानती और मन लगाकर पढ़ाई करती। इसलिए घर, स्कूल, पड़ौस हर जगह रीना की ही तारीफ होती।

टीना को बहुत बुरा लगता जब हर कोई रीना की ही तारीफ करता। वह सोचती सभी रीना से ही प्यार करते हैं मुझे कोई नहीं चाहता। वह मन ही मन रीना से कुढ़ने लगी थी। उसका रीना से व्यवहार अच्छा नहीं था और हमेशा वह रीना को नीचा दिखाने की कोशिश में रहती।

परीक्षा के दिन आने वाले थे। रीना हमेशा की तरह बहुत मेहनत कर रही थी। वह एक कॉपी में सभी विषयों के संक्षिप्त नोट्स बनाती जा रही थी ताकि परीक्षा के समय वह इन नोट्स को पढ़ सके जिससे उसके समय की भी बचत हो और वह ज्यादा भी पढ़ पाए।

टीना जब रीना को पढ़ते हुए देखती तो मन ही मन जल जाती। वह सोचती इस बार भी अगर ये अव्वल आएगी तो सभी इसकी तारीफों के पुल बांधते न थकेंगे। परीक्षा शुरू होने के एक दिन पहले टीना ने रीना की वह कॉपी छिपा दी जिसमे उसने सभी विषयों के नोट्स बनाये थे।

रीना ने कॉपी बहुत ढूंढी पर उसे कहीं भी न मिली। वह बहुत परेशान हो गयी क्योंकि उसकी सारी मेहनत बेकार चली गयी थी।

मम्मी ने टीना से पूछा, ‘बेटा तुमने रीना की कॉपी कहीं देखी है?’

टीना झल्ला उठी और बोली, ‘मां, मुझे इसकी कॉपी से क्या मतलब है? मैंने कहीं नहीं देखी।’

रीना को जब कॉपी नहीं मिली तो वह किताब लेकर ही पढ़ने बैठ गयी और रात भर जागकर उसने पढ़ाई की। उसके पेपर अच्छे जा रहे थे।

आज गणित का पेपर था। मम्मी ने दोनों का ज्यामेट्री बॉक्स तैयार करके दोनों को दे दिया। रीना तैयार होकर हॉल में बैठी टीना का इंतजार कर रही थी। टीना ने तैयार होने में देर लगा दी तो मम्मी ने उसे आवाज़ दी और कहा, ‘टीना जल्दी नीचे आओ वरना पेपर के लिए लेट हो जाओगी।’

टीना ने अपना बैग उठाया और नीचे आ गयी और दोनों बहने स्कूल के लिए निकल गयी।

स्कूल पहुँचते ही परीक्षा कक्ष में पहुँचने की घंटी बज गयी। टीना ने ज्यामेट्री बॉक्स निकालने के लिए बैग खोला पर बॉक्स वहां नहीं था। तभी उसे याद आया की वह तो अपना बॉक्स बेड पर ही भूल गयी है। टीना बहुत डर गयी। सभी बच्चे परीक्षा कक्ष में जा चुके थे। जब रीना को पता चला तो उसने तुरंत अपना बॉक्स टीना को दिया और कहा, ‘तुम क्लास में जाओ मैं अभी बॉक्स लेकर आती हूँ।’

‘पर घंटी तो बज चुकी है’, टीना ने कहा।

‘कोई बात नहीं मैं जल्दी ही आ जाउंगी।’ यह कहकर रीना घर के लिए निकल गयी।

टीना क्लास में पहुँचकर अपना पेपर करने लगी।

रीना को वापस आने में २० मिनट लग गए। जब वह परीक्षा कक्ष में पहुंची तो टीचर ने उसे लेट आने के लिए बहुत डांटा, पर वह चुपचाप अपनी सीट पर आकर पेपर करने लगी।

टीना ने जब ये सब देखा तो उसे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। उसने सोचा, ‘जो बहन उससे इतना प्यार करती है उसने उसी के मेहनत से बनाये नोट्स छिपा दिए थे।’ उसे अपनी गलती और व्यवहार पर बहुत पछतावा हुआ।

पेपर ख़त्म होने के बाद जब दोनों बाहर मिले तो टीना रीना के गले लिपट गयी और रोते रोते बोली, ‘तुम कितनी अच्छी हो रीना! मेरे लिए तुमने अपनी परीक्षा की भी परवाह नहीं की और मैं इतनी बुरी हूँ कि मैंने तुम्हारे इतनी मेहनत से बनाये नोट्स छिपा दिए। प्लीज मुझे माफ़ कर दो।’ टीना के मन की सारीरत उसके आंसुओ के साथ बह गयी।

आज पहली बार टीना ने अपनी बहन रीना को गले लगाया था। रीना की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ गए। उसने टीना का किया सब कुछ भुला दिया क्योंकि इतने दिनों बाद उसे अपनी बहन जो मिल गयी थी। दोनों ख़ुशी ख़ुशी घर चले आये।

Monika Jain 'पंछी'
(25/10/2012)

Story of Two Sisters in Hindi

October 3, 2012

Happy Birthday Poem in Hindi


जन्मदिन 

तेरे सपने सच हो जाए
खुशियाँ पलकों पर सज जाए
मुस्कान तेरे होंठों पर छाये
बार-बार ये दिन आए।

रोशन हर दिन तेरा हो 
दूर-दूर तक उजेरा हो 
आशाओं का डेरा हो
हर पल नया सवेरा हो।

सूरज उजियारा ले आए
पंछी मीठा गीत सुनाएँ 
फूल, तितलियाँ, भंवरे गाएँ
मिलकर तेरा जन्मदिन मनाएँ।

Monika Jain 'पंछी'
(10/2012)

October 1, 2012

Happy Birthday Poems in English


(1)


Happy Birthday Wishes for You

May happiness decorate your eyelids
May smile always shine on your lips.

May your every day be filled with hopes
May none of your ideas ever flop.

May your birthday become illuminating
May your life become fascinating.

May you never feel low
May you ever shine and glow.

May you live for thousands of years
May you never face the fear.

May your all dreams come true
Happy Birthday wishes for you.

Monika Jain 'Panchhi'
(10/2012)

(2)

Happy B’day to Someone

May your every day be filled with
the warmth of sunshine
The sounds of laughter
and happiness of smiles.

May you be blessed abundantly
today, tomorrow and the days to come
Have a fantastic birthday
and many more to come.

I hope you enjoy your day today
with your loved ones
Get everything you asked for
and have a great fun.

Hope this day become the most
memorable day of your life
May your b’day be bright from
morning till night.

May the love of god be with you
all day through his endless grace
May he richly bless your life with
much happiness and success.

May you enrich the lives of
everyone you touch
Happy b’day to someone
I love so much.

Monika Jain ‘Panchhi’
(11/2012)

September 21, 2012

Story of Sparrow and Squirrel in Hindi

Story of Sparrow and Squirrel in Hindi
Story of Sparrow and Squirrel in Hindi

चूंचूं

छत पर सूखे कपड़े लेने गयी तो देखा मोज़े की जोड़ी में से एक मोज़ा गायब था। इधर-उधर तलाश किया पर कहीं भी नज़र नहीं आया। अगले दिन कुछ सामान निकालने के लिए छत पर बने स्टोर को खोला तो अचानक एक गिलहरी फुदकती हुई बाहर निकली। एक पल के लिए मैं चौंक उठी। दूजे ही पल एक पुराने टायर के बीचोंबीच चूं-चूं की आवाज़ करते गिलहरी के चार-पांच नन्हें बच्चे दिखाई पड़े। उन्हीं बच्चों के नीचे मेरा कल का खोया मोज़ा, कुछ दिन पहले खोया एक रुमाल और छोटी-छोटी रंग-बिरंगी कपड़ों की कई कतरने पड़ी थी। उन नन्हें मासूमों को देखकर एक पल के लिए प्यार उमड़ आया पर तभी गिलहरी से अपनी सालों पुरानी दुश्मनी को याद कर मैंने मुंह फेर लिया।

बात तब की है जब मैं पांचवी कक्षा में पढ़ती थी। सर्दी के दिन थे। रोज की तरह मैं सड़क पर हमउम्र बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलते-खेलते पानी की प्यास लगी तो दौड़कर घर आ गयी। बरामदे से गुजरते हुए पानी के टैंक के पास कुछ अजीब सा काला-काला नज़र आया। पास गयी तो देखा चिड़िया का एक नन्हा गुलाबी बच्चा जिसके पंख भी नहीं आये थे, ढेर सारी चींटियों से गिरा पड़ा था। शायद ऊपर रोशनदान में बने घोंसले से गिर गया था।

एक पल को मुझे लगा इतना ऊपर से गिरने और इतनी सारी चींटियों के चिपकने से यह तो मर चुका होगा और यह सोचकर मैं उदास हो गयी पर अगले ही पल उस चूजे की हल्की सी हलचल से मन में आशा की एक किरण जागी और मैंने किसी भी तरह उस बच्चे को बचाने के जतन करने शुरू कर दिए।

सबसे पहले फूंक मार-मारकर कई सारी चींटियों को उसके नाजुक गुलाबी शरीर से हटाया। पर इसके बाद भी कुछ चींटियाँ उस पर जस की तस चिपकी हुई थी। मैं भीतर दौड़कर रुई लेकर आई और रुई की मदद से उसके शरीर पर से बाकी चींटियाँ हटाने लगी। किसी चींटी को मारना नहीं था इसलिए लगभग ½ घंटे की मशक्कत के बाद मैं उसके शरीर पर से सारी चींटियाँ हटाने में कामयाब हो गयी। उसके बाद भीतर से दो गत्ते लायी और डरते-कांपते हाथों से उस चूजे को एक गत्ते की मदद से दूसरे गत्ते पर लिया और धीरे-धीरे चलते हुए उसे घर के भीतर ले आई।

उस चूजे की हालत बहुत ख़राब थी। वह एकदम दुबका हुआ था। शायद उसके दिमाग में अभी भी चींटियों का आतंक छाया होगा और उसे दर्द भी तो हो रहा होगा यही सोचते-सोचते मैंने उसे अपने कमरे की स्टडी टेबल पर एक रोयेदार नरम मोटा रुमाल बिछाकर उस पर रख दिया।

मैं रसोई में गयी और रुई का फाहा और एक कटोरी में दूध लेकर आई। डरते-कांपते हाथों से मैं दूध से भरा रुई का फाहा उस चूजे के मुंह के पास ले गयी। लेकिन वह तो डर के मारे टस से मस नहीं हो रहा था। हाथों की कंपकंपी की वजह से दूध कभी दायें गिरता कभी बाएं। कभी इत्तेफाकन उसकी चोंच पर गिरकर दोनों ओर लुढ़क जाता। पर उसने दूध पीने में रूचि नहीं दिखाई। थक हार कर थोड़ी देर मैं पास ही रखे पलंग पर बैठ गयी। फिर कुछ देर बाद रसोई से एक छोटा सा चम्मच लेकर आई और फिर उसे दूध पिलाने की कोशिश करने लगी। कई बार की नाकामयाबियों के बाद एक बार अचानक उसने इतना बड़ा मुंह खोला कि डर के मारे मेरे हाथों से दूध का चम्मच छिटक कर नीचे गिर गया। चम्मच की आवाज़ से कुछ देर वो भी सहम गया पर इसके बाद जब भी मैं दूध से भरा चम्मच उसके पास ले जाती वह धीरे-धीरे अपनी चोंच में भरकर दूध पीने लगता।

मेरे लिए तो यह खेल सा बन गया था। थोड़ी-थोड़ी देर में मैं कभी दूध, कभी पानी तो कभी पानी में आटा गोलकर उसे खिलाने को लाने लगी। अब उसे मुझसे कोई डर नहीं था। मुझे भी उसमें अपना दोस्त नज़र आने लगा और मैं प्यार से उसे चूंचूं कहकर बुलाने लगी। पूरे दिन उसी में लगे रहने के बाद रात में जब सोने के लिए माँ की डांट पड़ी, तब जाकर उसे स्टडी टेबल पर रखकर मैं सो गयी।

सुबह उठी तो सबसे पहले नज़र स्टडी टेबल पर पड़ी। वहां जगह-जगह चूंचूं की बीठ नज़र आ रही थी पर चूंचूं कहीं नहीं दिख रहा था। मैं घबरा कर उठ खड़ी हुई और टेबल के ऊपर-नीचे, दायें-बाएं सब जगह चूंचूं को तलाश करने लगी। तभी नज़र पास ही लगे दरवाजे के पीछे पड़ी जहाँ चूंचूं कोने में दुबका बैठा था। एक गत्ते में उठाकर मैं उसे बाहर खुले आँगन में ले आई। कुछ देर तक यह सोचकर वहां उसे रखा कि उसकी माँ उसे तलाश रही होगी और वहाँ आ जायेगी। पर काफी देर इंतजार के बाद भी कोई चिड़िया नज़र नहीं आई।

पापा तब बाहर थे। मैंने यही सोचा कि जब पापा वापस आयेंगे तो इसे घोंसले में रख देंगे ताकि यह अपनी माँ से भी मिल पायेगा और यह सोचते-सोचते मैं फिर उसे कुछ खिलाने-पिलाने के उपक्रम करने लगी। खिलाने-पिलाने के इस उपक्रम में अचानक चूंचूं पर कुछ दूध गिर गया। वह थोड़ा भीग गया। सर्दियों के दिन थे। खुद भी धूप खाने और चूंचूं को भी थोड़ी सुबह की गुनगुनी धूप खिलाने की सोचकर मैं उसे छत पर ले आई। छत पर मैंने उसे बीच में बनी एक दिवार पर रख दिया और खुद टहलने लगी।

कुछ देर बाद सामने से एक गिलहरी आते हुए नज़र आई। गिलहरी से चूंचूं को किसी भी ख़तरे से मैं अनभिज्ञ थी इसलिए मैंने गिलहरी को नहीं भगाया। पर यह क्या...पलक झपकते ही वह गिलहरी सर्र सी दौड़ती हुई चूंचूं के पास आई और उसे मुंह में दबाकर उसी तेजी से दौड़ गयी। मेरी आँखें और मुंह खुला का खुला रह गया। मैं तेज दौड़कर गिलहरी के पीछे गयी पर कुछ ही देर में वह जाने कहाँ गायब हो गयी। नीचे आकर पीछे गली में जिस ओर गिलहरी गयी थी मैंने चूंचूं को बहुत तलाशा पर चूंचूं मुझे कहीं भी नज़र नहीं आया। मेरा गला रुंध गया और आँखों में आंसू भर आये। मुझे खुद पर बहुत गुस्सा आ रहा था। बार-बार एक ही ख़याल दिमाग में आ रहा था कि काश! मैं चूंचूं को लेकर छत पर ना जाती। उस गिलहरी पर भी बहुत गुस्सा आया। पूरा दिन मैं बहुत उदास रही। अकेले अपने कमरे मैं बैठी रही। आँखें बार-बार कमरे में चूंचूं को तलाश रही थी। सुबह जो हुआ उस पर विश्वास नहीं हो रहा था। रात में सोते समय भी बार-बार नज़रे स्टडी टेबल पर जा रही थी, जिसे चूंचूं ने अपनी बीठ से कितना गन्दा कर दिया था। अचानक नज़र फिर दरवाजे के पीछे गयी, पर चूंचूं वहां नहीं था। मैंने करवट बदली और आँखों से आंसू लुढ़क पड़े।

आज उन नन्हें-मुन्हें गिलहरी के बच्चों को देख सालों पुरानी बात याद आ गयी। गिलहरी से सालों पुरानी उस नाराजगी की वजह से मुंह तो फेर लिया पर उनकी चूं-चूं की आवाज़ सुन ज्यादा देर उन्हें देखे बिना नहीं रह पायी। सोचा, क्या पता इन्हीं में से कोई चूंचूं हो जो आज फिर मुझसे मिलने आया हो और इस तरह सालों बाद आज फिर मेरी गिलहरी से दोस्ती हो गयी।

Monika Jain ‘पंछी’
(21/09/2012)

September 2, 2012

Poem on Education System in Hindi

हम हैं पढ़े लिखे अनपढ़

हम पढ़े लिखे सभ्य
अपनी ए. सी. गाड़ियों में चलते हुए
फेंकते है कूड़ा करकट सड़कों पर
मानो फ़ेंक रहे हैं 
अपनी नकली सभ्यता का 
मुखौटा उतार कर। 

हम पढ़े लिखे साक्षर
'यहाँ थूकना मना है' पढ़कर भी
सालों से वहीँ थूकते आ रहे हैं
मानो थूक रहें हैं
अपने साक्षर होने के 
प्रमाण पत्र पर। 

हम पढ़े लिखे शिक्षित
डॉक्टर, इंजीनियर, सीए बनकर
बिकते हैं दहेज़ के बाजार में ऊँचे दामों पर
हम तो उनसे भी आगे हैं जो
बेचती है अपने शरीर को
रोटी के दो टुकड़ों की चाह में। 

क्या सच में हैं हम सभ्य?
क्या सच में हैं हम शिक्षित?
क्या सच में हैं हम साक्षर?

नहीं, हम हैं पढ़े लिखे अनपढ़। 
हाँ, हम हैं पढ़े लिखे अनपढ़। 

Monika Jain 'पंछी'
(09/2012) 

Lack of proper education is the reason of all sorts of evils in our country. Learning should be closely linked to nature and life. But the modern education system is confined to classrooms only, so the link with nature is broken. Education should develop a spirit of rational thinking among people but today's education just help the students to acquire degrees and jobs. Current education system is not able to teach moral values, ethics and humanity. Teaching moral values is very necessary for the overall development of a person. It includes discipline, manners, control over oneself, love, care, sensitivity, politeness, speaking truth, no stealing, being a good citizen etc. To make the children responsible citizens, moral values should be imparted through education. Only then we can fulfill the dream of making India incredible. 

September 1, 2012

Poem on Parents in English

Parents the Unsung Heroes

My house is a banyan tree
My father is the root of this
My mother is the dense shade
It remains till my last breath
It’s my only wish.

Father’s love is unique
Soft as the breeze
Mother’s love is sweetest
Distinct and prettiest.

Mom and Dad
You are the unsung heroes of my life
When I am in dark
You are always there to show me light.

You encourage me
When I am crashing in
You always turn to me
to forgive all my sins.

To fight with my fears
When I am lonely with my tears
To care when I am ill
You are always there
to fulfill my wills.

You both are the reason
Why I’m so strong
With your blessings
Nothing could go wrong.

You are irreplaceable
Your love will never pale
I know, no one can love me
more than you mom and dad
So I need forever
again and again your lovely shade.

Thank you for giving birth to me
Thank you for coloring the rainbow of my life
Thank you for putting the rhythm in my soul
Thank you for standing always by my side.

Monika Jain ‘Panchhi’
(09/2012)

August 4, 2012

Poem on Eyes in Hindi

नैन परिंदे

नैन परिंदे भर उड़ान पहुँच गए आकाश
मतवाले पगले ये नैना जाने करते क्या तलाश। 

इन्द्रधनुष से रंग चुराकर ख़्वाब सजाये सपनीले
बदरा संग खेले आँख-मिचौनी ये दो नैन सजीले। 

बदरा से बरसी बूंदे, धरती की प्यास बुझाये 
सूखे रह गए मेरे नैना, जाने किसकी आस लगाये। 

सांझ का काजल भर अंखियन में करते है श्रृंगार 
रस्ता देखे जाने किसका, ना चैन ना करार। 

रात को टिमटिम तारों से करते ये हंसी-ठिठोली
पर चंदा से नज़र चुराए ये दोनों हमजोली। 

शायद चंदा दिखलाता वो ही अनजाना चहरा
फिर हर पल यादों पे हो जाता उस अनजाने का पहरा। 

Monika Jain 'पंछी'
(08/2012)

August 3, 2012

Essay on Humanity in English

Humanity : The Best Religion

Humanity : the only religion that can make this world worth living as the religions we are following today are not serving their real purpose. Religions today are developing as a business and for some people religions are just a product to sell and to market. Spreading love and peace and bringing us closer to ourselves and to God should be the purpose of a religion but instead of uniting religions today are dividing us. Even a single religion has so many divisions.The attachment to a particular religion makes an individual narrow minded and prejudiced towards others and thus keep him away from the truth. Because of his attachment to a particular religion doesn't allow himself to be a liberal and an open minded person. Religious extremists are destroying our peace, freedom and happiness. We should understand what the religion originally desire from us. The essence of all the religions is humanity and we all should practice only humanity to serve the real purpose of all the religions.

Man is not the creation of these religions but religions are created by man. The truth is that all the living beings and our human body is the constituent of five elements kept alive by heat and light. Our source is one and our destination is one. Thus why to adopt different paths? Why to pursue different ideologies?

The best thing about humanity is that it can unite all, whether they are atheists or theists. Love, peace, happiness and God (atheist can replace god with good) all are within us so we don't need to search it anywhere. If we will sow the seeds of love, peace and happiness we will reap tons of love, peace and happiness. A person should not bother himself for the existence of God. One should become a good human being first then it won't matter whether he/she believe in god or not.

I find many people who are full of pride, anger, jealousy, cruelty are also engaged in spiritual pursuits. Most of these worship god to attain materialistic success and some of them have a false notion that ritualistic worship would give them the license to do whatever they like. Such people are not religious at all.

A selfish man who always care for himself, his family, his religion and party can never become impartial, open minded and well wisher of others. Such a man is not useful and advantageous to the humanity in general. I saw some people who don't give food to dogs or poor and search for cows. May be their religion prefers the needs of cows over dogs and humans. I can never understand the logic behind this.

In some religions innocent animals are killed in the name of 'bali'. I can never understand how killing can make god happy. But when you follow humanity all the living beings are alike for you. Humanity is about equality, well wishing of all and selfless thinking. Humanity not only take us closest to god it also helps us in our personal growth.

No religion is greater than humanity. So let's embrace humanity and begin a new way of life full of love, peace and happiness.

Monika Jain 'Panchhi'
(08/2012)

August 2, 2012

Raksha Bandhan Essay in English (Rakhi Celebration Ideas)

Raksha Bandhan (Rakhi) Celebration Ideas

Raksha Bandhan is the indian festival of celebrating bond between brothers and sisters. On this occasion sisters tie rakhi on the wrist of their brothers and pray for the happiness, long life and success of their brothers and brothers take the responsibility of protecting their sisters. This sacred thread of rakhi is considered even stronger than the iron chain. It’s the sign of love and trust between siblings. So how are you going to celebrate this rakhi? This festival is an occasion to make your relation stronger and lively with your siblings and can add some beautiful moments in your life. So don't celebrate this festival as a formality but it should be an unforgettable celebration. Here I am telling you some ideas to make the rakhi celebrations special for your family and siblings.
  • What can be better than a handmade rakhi greeting card and a handmade rakhi thread. If your brother is a kid then you can use cartoon figures to decorate the cards and rakhi threads. Write some thoughtful and cute messages on the greeting card and decorate it with beads, images, glitter and colorful flower pictures.
  • You can prepare a special unique dish for your brother/sister on this occasion. Prepare delicious cuisine and sweets keeping in mind the taste and choice of your brother/Sister or can take your siblings to a restaurant and have a grand lunch and dinner party. 
  • You can celebrate rakhi with your relatives and can plan a small function and fill it with enjoyment by dancing, playing games, cracking jokes, singing songs etc. You can also plan a family picnic or a family movie and dinner. 
  • Without gifts we can't imagine a festival so choose a special unique gift for your brother or sister. You need not to buy an expensive gift beyond your budget but it should be straight from your heart because your feelings behind the gift are much more important than the price of the gift. For your kid brother you can choose games, toys, chocolates and cute kids wears and for elders brother you can choose shirts, watches, mobiles, perfumes, portfolio bags, jackets, wallets, belts, ties, cufflinks and a nice novel if he is fond of reading. For your kid sister you can buy cute teddy bears, chocolates, barbie dolls and cute kids wears and for elder sister you can go for jewelry items like rings, bracelet, anklet, earrings, necklaces, fancy tops etc. If there is anything your sibling has been planning to purchase for a long time but not managed to purchase it yet then it’s a better day to surprise him/her by making his/her wish come true. 
  • You can make a photo collage of your childhood memories with your brother or sister. Gift it to your sibling and see the expressions of his/her face. You can also make a video of the beautiful childhood moments captured in photos. 
  • Wear a traditional outfit on this occasion. You can also gift a unique traditional outfit to your sister or brother. Ask them to wear it then celebrate the whole day with joy and happiness. 
  • In today's busy life festivals bring the moments of happiness in our life. So these festivals should be celebrated in such a way that can leave remarkable and unforgettable impressions on the mind of our loved ones. I wish this festival of Raksha Bandhan will bring lots of happiness in your family. Wish you all a very Happy Rakhi :)

Monika Jain 'Panchhi'
(08/2012)

August 1, 2012

How to Heal a Broken Heart (in English)

How to Heal a Broken Heart

How the heart feels when it is broken by someone? You may feel your life is meaningless. You no longer feel any joy with your family, friends and hobbies. But this is not the end. Here I’m telling you some steps to heal your broken heart and come out of your pain.
  • Our heart suffers mostly because of the attachment we have with the one we love most. So try to detach with the person who broke your heart. Detachment with that person will surely lead to peace and happiness.
  • Checking his/her facebook wall or taking information about him/her from your mutual friends won't make you feel good. So instead of doing this create the list of the activities that make you feel good and involve yourself in such activities. 
  • Till now she/he was your world but now create a new world of new friends who don't know him/her. You can find these friends in hobby classes, libraries, clubs, blog etc. 
  • Jogging, exercising, meditation, yoga, walking all will affect you in a positive ways. 
  • Erase everything related with him/her. Erasing his/her gifts, pictures, messages etc won't erase your memories associated with him/her but it will surely help you in getting out of your pain. 
  • Whenever you start thinking of him/her just say stop and focus on different things and activities. You should develop some hobbies like reading books, writing diary, dancing, sketching, painting, singing etc. 
  • Share your feelings and pain with your close and true friends. Don't hold the pain in your heart. Cry if you want to cry. 
  • Forgive the one who broke your heart because forgiveness will surely release yourself from the captivity of negative and stressful thoughts. Forget and forgive and do a fresh beginning of your life. 
  • Involve yourself in helping the needy ones. Because when you think about the pain of others and try to help them you forget about your pain. 
  • There are many other important things in life than romantic love. So use this opportunity to nurture your friends, family and self. 
  • Think about the positive sides of your break up. 
  • You can't change your past but you can learn from your mistakes. Never repeat these mistakes. 
  • Do one favor with yourself whenever you think about the good things and memories of your relationship also think about the bad memories and bad things he/she did with yourself. It will help in detaching yourself with him/her. 
  • Alter your pain in something very constructive and good things. You can pen down your pain in form of poems, songs, drawings, stories etc. 
  • When you feel you are ready to open your heart again then move on and find someone else to be with.

Monika Jain 'Panchhi'
(08/2012)

July 3, 2012

Poem on Save Girl Child in Hindi


कलियों को खिल जाने दो

(1)

कलियों को खिल जाने दो
मीठी ख़ुशबू फ़ैलाने दो
बंद करो उनकी हत्या अब
जीवन ज्योत जलाने दो।

कलियाँ जो तोड़ी तुमने तो
फूल कहाँ से लाओगे?
बेटी की हत्या करके तुम
बहु कहाँ से लाओगे?

माँ धरती पर आने दो
उनको भी लहलाने दो
बंद करो उनकी हत्या अब
जीवन ज्योत जलाने दो।

माँ दुर्गा की पूजा करके
भक्त बड़े कहलाते हो
कहाँ गयी वह भक्ति जो
बेटी को मार गिराते हो।

लक्ष्मी को जीवन पाने दो
घर आँगन दमकाने दो
बंद करो उनकी हत्या अब
जीवन ज्योत जलाने दो।

Monika Jain 'पंछी'
(07/2012)

(2)

वंश-वंश करते मानव तुम
वंश बेल को काट रहे हो
एक फल की चाहत में तुम
पूरा बाग उजाड़ रहे हो।

फूल रहे ना धरती पर तो
फल तुम कैसे पाओगे?
अंश काटकर अपना तुम
कैसे वंश बढ़ाओगे?

उम्र की ढ़लती शाम में जब
बेटा खड़ा ना होगा साथ
याद करोगे अंश को अपने
खुद मारा जिसको अपने हाथ।

न कुचलों नन्हीं कलियों को
उनको भी जग में आने दो
बनकर फूल खिलेंगी एक दिन
जीवन उनको पाने दो।

Monika Jain 'पंछी'
(07/2012)

July 2, 2012

Save Girl Child Essay in English

Live and Let Live

Life is considered as an expression of God. Everyone wants to live and we don't have any right to take anyone's life then how can we kill a totally defenseless and innocent being? Mother's womb is considered as the safest place on this earth for a child but polythene bags stuffed with the body parts of female fetuses and newly born babies are the question mark on this statement.

India an IT superpower and one of the fastest developing country represent one of the most adverse Child Sex Ratio (CSR) amongst the southeast asian countries. The child sex ratio in the country is now 914 females per 1,000 males, said to be the lowest since Independence. The government has banned prenatal sex determination tests since 1996 but, as the data shows, this hasn't been very effective. According to a study, up to 8 million unborn females may have been killed either before or immediately after birth during the last ten years. Thus the number of girls is continuously decreasing.

The process of abortion is a painful reality. Sometimes doctors have to cut the baby into several pieces in order to get it out. The larger parts are cut into smaller pieces and spooned out piece by piece and then discarded. American Portrait Films educational presentation 'The Silent Scream' is a film which depicts the story of abortion. It shows how the fetus during abortion attempts to defend themselves. Mother also feels this hustle and bustle of the baby who is being killed.

Murder is murder whether the person killed is 60 years old, 6 years old, 6 months old or a 6 weeks fetus. The unborn baby is also a human being. He/she is not a potential human being rather he/she is a human being with potential. Any of them can become Mother Teresa, Kalpana Chawla, P. T. Usha or Lata Mangeshkar.

The possible causes of this crime are poverty, ignorance of family planning, some traditions and dowry system etc. But instead of removing these causes we are involving ourselves in another crime of killing unborn daughters. Is it reasonable? Why don't we kill the demon of dowry? Why don't we make people aware about family planning? Why innocent beings have to suffer for our doings? How a doctor who has taken an oath to preserve life can perform abortion?

It is said that God created mothers because he could not be present everywhere but I am failed to understand how a mother (in some cases where she is not helpless) can be so ruthless and vulnerable?

Monika Jain 'Panchhi'
(07/2012)

July 1, 2012

Poem on Raksha Bandhan (Rakhi) in Hindi

 (1)

राखी लाये खुशियाँ पूरी

कुमकुम रोली और मिठाई
राखी की थाली सज आई
बहन आज फूली न समाई
संग राखी खुशियाँ घर आई।

बांध हाथ राखी का धागा
और लिया भैया से वादा
भैया मुझको भूल न जाना
जीवन भर तुम साथ निभाना।

भैया बोला बहना प्यारी
तू है मेरी राजदुलारी
आंच न आने दूंगा तुझपे
ये मेरा है वादा तुझसे।

बना रहे ये प्यार सदा
रिश्तों का अहसास सदा
कभी ना आये इसमें दूरी
राखी लाये खुशियाँ पूरी।

Monika Jain 'पंछी'
(07/2012)

(2)

राखी

कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी
प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी।

भाई की लम्बी उम्र की दुआ है राखी
बहन के प्यार का पवित्र धुआं है राखी।

भाई से बहन की रक्षा का वादा है राखी
लोहे से भी मजबूत एक धागा है राखी।

जांत-पांत और भेदभाव से दूर है राखी
एकता का पाठ पढ़ाती नूर है राखी।

बचपन की यादों का चित्रहार है राखी
हर घर में खुशियों का उपहार है राखी।

रिश्तों के मीठेपन का अहसास है राखी
भाई-बहन का परस्पर विश्वास है राखी।

दिल का सुकून और मीठा सा ज़ज्बात है राखी
शब्दों की नहीं पवित्र दिलों की बात है राखी।

Monika Jain 'पंछी'
(07/2012)

(3)

रहे न बचपन के अहसास

रहे ना बचपन के अहसास
रही ना अब रिश्तों में मिठास
रक्षाबंधन का पर्व रहा ना
पहले जैसा खास।

भाई है अब व्यस्त बहुत
बहना को रही ना फुर्सत
राखी के कच्चे धागों की
अब ना किसी को जरुरत।

रहे ना रिश्तों में ज़ज्बात
रही ना पहले जैसी बात
रक्षाबंधन अब ना लाता
खुशियों की सौगात।

रफ़्तार भरा है ये जीवन
पल भर भी ठहरना नामुमकिन
राखी आती जाती रहती
पर ना थमते भाई-बहन।

लौटा दो बचपन का वो प्यार
रक्षाबंधन का त्यौहार
खट्टी मीठी नोंक-झोंक और
प्यार भरी तकरार।

Monika Jain 'पंछी'
(07/2012)

June 15, 2012

Poem on Save Trees in Hindi


(1)

वृक्ष

वृक्ष धरा के भूषण हैं
करते दूर प्रदूषण हैं। 

हम सबको भाते हैं वृक्ष
हरियाली लाते हैं वृक्ष। 

पत्थर खाकर भी फल देते
हवा के विष को ये हर लेते। 

प्राणवायु हर पल ये देते
फिर भी हमसे कुछ ना लेते। 

क्या दुनिया में कोई भी
पेड़ों सा हितकारी है?

बिना स्वार्थ के सब कुछ देते
पेड़ बड़े उपकारी हैं। 

उपकार मानना दूर ये मानव
कितना अत्याचारी है। 

काट-काट कर पेड़ों को
खुद पाँव कुल्हाड़ी मारी है। 

Monika Jain 'पंछी' 
(06/2012)

(2)

सुनो-सुनो

सुनो-सुनो क्या नानी कहती
हवा सुहानी अब ना बहती। 

पेड़ों से जो थी हरियाली
घर का आँगन अब है खाली। 

चिड़िया अब ना गीत सुनाती
घर आँगन में अब ना आती। 

पेड़ों के कट जाने से
रूठे बादल बरसाने से

धरती माँ अब बाँझ हुई
घनघोर अँधेरी साँझ हुई। 

पंछी का रैन बसेरा छूटा
मीठा था जो ख़्वाब वो टूटा। 

विष में घुलती वायु है
घटती मानव की आयु है। 

पेड़ों से मानव प्यार करो
मित्रों सा व्यवहार करो। 

पेड़ लगाकर मानव तुम
खुद अपना उपकार करो। 

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

June 14, 2012

Poem on Environment Pollution in Hindi

कुछ भी स्वच्छ अब रहा नहीं
(शरद कृषि, CITA में प्रकाशित)

रहा ना जल पीने लायक
वायु ना जीने लायक
भूमि भी हो गयी है बंजर 
कैसा है ये मंज़र?

कान फोड़ती आवाजों का
फैला घातक शोर
उर्वरकों की बीमारी का
भूमि में है जोर। 

पानी बिजली की बर्बादी
नित बढ़ती ये आबादी
कूड़ेदान बनी ये नदियाँ
कलुषित हुयी ये पूरवईयां। 

लुप्त हो रहे वन जंगल
लुप्त हो रहे प्राणी
लुप्त हो रही है नदियाँ
और लुप्त हो रही धानी। 

जल, वायु और ये भूमि
कुछ भी स्वच्छ अब रहा नहीं
रोग मिल रहे ऐसे-ऐसे
जिनकी कोई दवा नहीं। 

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

Poem on Environment Pollution in Hindi

June 13, 2012

If I were a Bird Poem in Hindi


काश! मैं पंछी होती 

काश! मैं पंछी होती
मेरी हर ख्वाहिश पूरी होती
उन्मुक्त गगन को छूने की
चाह मेरी पूरी होती
काश! मैं पंछी होती।

जाति, धर्म, समाज की
दीवार कोई ना मैं ढ़ोती
ना सरहद की सीमाओं में
बंधी-बंधी मैं रोती 
काश! मैं पंछी होती।

मंदिर, मस्ज़िद, गिरिजाघर 
हर दीवार मेरा डेरा होती
बन हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई 
पहचान मेरी मैं ना खोती 
काश! मैं पंछी होती। 

ना दहेज की ज्वाला में 
मुझको झुलसाया जाता
ना बाल विवाह की बलिवेदी पर 
मुझको सुलगाया जाता
काश! मैं पंछी होती। 

भ्रष्टाचार के दलदल में
मैं ना घसीटी जाती
आतंकवादी साये में
नित रोज ना मारी जाती
काश! मैं पंछी होती। 

ना वोट-वोट करते नेता 
मुझको बहलाने आते 
और जीत का ताज पहन अपने 
वादे सारे भूल ही जाते
काश! मैं पंछी होती। 

ना धन के लालच में आकर 
अपनों का खून बहाया जाता 
ना रिश्वत का खंज़र मुझ पर 
बार-बार चलाया जाता 
काश! मैं पंछी होती। 

ना अमीर की कोठी होती 
ना गरीब की कुटिया
सबसे अलग, सबसे ज़ुदा 
होती मेरी दुनिया 
काश! मैं पंछी होती। 

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

June 12, 2012

Poem on Save Water (Conservation) in Hindi


पानी
(शरद कृषि, CITA  में प्रकाशित)

पानी पानी पानी पानी
जीवन का आधार है पानी।

गर्मी से राहत दिलवाता
हर प्राणी की प्यास बुझाता
अकुलाहट को दूर भगाता
सबको निर्मल स्वच्छ बनाता।

पानी पानी पानी पानी
धरती का श्रृंगार है पानी।

बादल बन अमृत बरसाता
बन झरना यह सबको भाता
नदियाँ बन यह कल-कल गाता
सीप का यह मोती बन जाता।

पानी पानी पानी पानी
सबका पालनहार है पानी।

पेड़ों को हरियाली देता
जीवों को नवजीवन
धरती को खुशहाली देता
करता सबको पावन।

पानी पानी पानी पानी
नहीं है कोई इसका सानी।

पानी की कीमत पहचानों
सीमित है पानी ये तुम जानो
पर्यावरण को अपना मानो
अपने दायित्वों को जानो।

वर्ना एक दिन आएगा
जब पानी ना बच पायेगा
धरती का हर एक प्राणी
पानी-पानी चिल्लाएगा।
पानी-पानी चिल्लाएगा।

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

Poem on Save Water in Hindi for Kids

June 11, 2012

Essay on Personality Development Tips in Hindi

दोस्त बनिए पर सबसे पहले खुद अपने

अक्सर कुछ लोग अपनी ज़िंदगी से नाख़ुश होते हैं। उन्हें अपने भाग्य, अपनी किस्मत से शिकायत रहती है जैसे : मैं जो भी चाहता हूँ मुझे कभी नहीं मिलता, मेरा भाग्य मेरा साथ कभी नहीं देता या हर कार्य में मुझे असफलता मिलती है। ऐसे लोग निराशा से घिर जाते हैं और हमेशा उदास और तनावग्रस्त रहते हैं।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने आसपास के लोगों, अपने दोस्तों और अपने रिश्तों से शिकायत रहती है जैसे : सभी मुझे इग्नोर करते हैं, मेरा मजाक बनाते हैं या मुझे कोई नहीं चाहता, कोई मदद नहीं करता। ये लोग धीरे-धीरे दुनिया से कटने लगते हैं। एकाकीपन और अवसाद के शिकार भी हो सकते हैं।

कुछ व्यक्तियों के लिए खुद से जुड़ा निर्णय लेना बहुत मुश्किल होता है जैसे : मुझे कौनसा कोर्स करना चाहिए, करियर का निर्माण किस क्षेत्र में करना चाहिए, किस क्षेत्र में मुझे सफलता मिल सकती है? ऐसे लोग अपना लक्ष्य निर्धारित नहीं कर पाते और अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में हमेशा खुद को दोराहे पर पाते हैं। असमंजस की वजह से कई बार गलत निर्णय कर लेते हैं जिसका परिणाम सिर्फ पछतावा रह जाता हैं।

ऐसी सभी परेशानियों और समस्यायों से निज़ात पाने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है कि हम सबसे पहले अपने दोस्त बने और अपने साथ समय बितायें। अक्सर ज़िंदगी की भाग दौड़ में हमारे पास खुद के लिए जरा भी वक्त नहीं होता। हमारे साथ जो भी होता है हम बस उस पर अपनी प्रतिक्रिया दे देते हैं और ये नहीं सोचते कि ये क्यों हो रहा है?

हम सभी को चाहिए कि हम रोज कुछ समय सिर्फ अपने साथ बितायें। खुद से बाते करें। हमें क्या अच्छा लगता हैं, क्या बुरा लगता है, किन कार्यों से ख़ुशी मिलती है और किनसे नहीं…ये सोचें। अपने हर कार्य, अपने व्यवहार, अपने मूड, अपनी प्रतिक्रियाओं और अपने प्रत्युत्तर का निरीक्षण करें। हमारी प्रतिक्रियायें हमें कैसे प्रभावित करती हैं, हम दूसरो से कैसे इंटरेक्ट करते हैं, हमारा वातावरण हमें कैसे प्रभावित करता है, इस पर गौर करें। दिन भर हमने क्या किया, किन लोगों से मिले, क्या बात की…इस पर भी ध्यान दें।

किन लोगों का साथ हमें अच्छा लगता हैं और किनके साथ हम असहज महसूस करते हैं, हमारी कौनसी बात दूसरों की तारीफ पाती है और कौनसी बात आलोचना...इसका भी निरीक्षण कीजिये। अपने व्यवहार, अपनी भाषा, अपने रहन सहन, अपने व्यक्तित्व सभी का पूरी ईमानदारी से निरीक्षण कीजिये। अपने आलोचक बनिये और अपने प्रशंसक भी...पर पूरी ईमानदारी के साथ।

इस विश्लेषण और निरीक्षण का ये फायदा होगा की अब आप अपनी खूबियों और अपनी कमियों से अच्छे से वाकिफ़ हो जायेंगे। अपनी खूबियों को तराशिये और अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करिए फिर देखिये आपके व्यक्तित्व, आपकी भाषा, रहन सहन और आपके व्यवहार में कैसा निखार आता है। स्वतः ही आप लोगों का ध्यान बटोरने लगेंगे और उन सभी की नज़रों में खास बन जायेंगे।

जहाँ बात आपकी नौकरी या करियर से जुड़े निर्णयों की हो तो उसके लिए जरुरी हैं आप अपनी पसंद, नापसंद, अपनी स्ट्रेंथ और अपनी कमजोरियों को पहचाने। आप किस क्षेत्र में माहिर हैं, क्या करके आपको ख़ुशी मिलती हैं, आपके कौनसे कार्य की हर जगह तारीफ होती है और किस कार्य को करते समय आप पूरे आत्मविश्वास से भरे होते हैं, ये सब जानना बहुत जरुरी हैं।

जब हम खुद को पहचानने लगेंगे तो हमारे लिए लक्ष्य का निर्धारण आसान हो जायेगा। हमसे जुड़े निर्णय करते समय हमें दुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। समय की बर्बादी से भी बचेंगे और गलत निर्णयों से भी। हम अपने भाग्य के निर्माता बनेंगे। अपने रिश्तों और अपने दोस्तों का चुनाव कर पाएंगे और रिश्तों में मधुरता आएगी। सही दिशा में सही कदम उठाकर अपने सभी सपनों को साकार कर पाएंगे और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हमारे कदम चूमेगी।

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

June 10, 2012

Poem on Father's (Papa) Day in Hindi


(1)

पिता

ईश्वर का एक रूप पिता है
पावन सी एक धूप पिता है।

स्नेह भरा संबल पिता है
खुशियों का नभतल पिता है।

सूर्य का प्रकाश पिता है
बच्चों का आकाश पिता है।

घने पेड़ की छाँव पिता है
तूफानों में नाव पिता है।

बल, विवेक, बुद्धि पिता है
साहस की वृद्धि पिता है।

धैर्य का सागर पिता है
ज्ञान का गागर पिता है।

अनुशासन का भान पिता है
सही मार्ग का ज्ञान पिता है।

सख्त, कठोर, गरम पिता है
कोमल, तरल, नरम पिता है।

गगन पिता है, पवन पिता है
यज्ञ पिता है, हवन पिता है।

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

(2)

पापा

चलना हमें सिखाते पापा
सच्ची राह दिखाते पापा
पढ़ना हमें सिखाते पापा
हमको योग्य बनाते पापा।

गाड़ी पर हमें घुमाते पापा
हमको खूब खिलाते पापा
नये खिलौने लाते पापा
हमको खूब हँसाते पापा।

गलती पर डाँट लगाते पापा
शिक्षक भी बन जाते पापा
अनुशासन हमें सिखाते पापा
अपना फर्ज निभाते पापा।

कंधों पर हमें चढ़ाते पापा
घोड़ा भी बन जाते पापा
बच्चों के संग बच्चे पापा
अच्छे पापा सच्चे पापा।

Monika Jain 'पंछी'
(06/2012)

(3)

वो पिता ही है श्रीमान्

पूरे घर की संभाले कमान
बात मन की जो ले जान
अपनी खुद की सुध छोड़
जो रखे सबका पूरा ध्यान
वो पिता ही है श्रीमान्!

पल-पल हर पल
अपनों की खुशियों की खातिर
अंगारों पे चल-चल
करता रहता जो श्रम संधान
वो पिता ही है श्रीमान्!

मांगे सबकी वह पूरा करता
पर कभी न आँहें भरता
सबके चेहरे पर लाता जो
एक प्यारी-सी मुस्कान
वो पिता ही है श्रीमान्!

गम का घूँट पीया अकेले
सबकी मुसीबत जो अपने सर ले ले
टूटता जुड़ता संभलता
हर दिन देता नया इम्तिहान
वो पिता ही है श्रीमान्!

बूँद नहीं आंसू के आँखों पर
अन्दर उमड़ रहा समंदर
सुना न पाए सबको अपनी
जो व्याकुल मन की गान
वो पिता ही है श्रीमान्!

अनिल कुमार बिहारी
ट्यूब बारीडीह, जमशेदपुर

June 9, 2012

Poem on Animals and Birds in English


(1)

Animals vs Humans

Animals are better than we humans
They don't hunt creatures of their own race
Behind attack on other species
Their motive is only hunger and self defense.

But we humans are filled with
envy, greed, hatred and selfishness
We are jealous with
our brother’s development and success.

Animals have no caste, religion and creed
In their world there is no discrimination of poor and rich
But on many issues we humans are divided
Despite of a sharp mind we are very narrow minded.

Animals live a regular life
They don't eat more than their appetite
But we humans starved of money
We kill our brothers like enemy.

Our blood and sweat is full of poison
Our senses are dead and frozen
By saying ourselves animals
We are insulting those innocent creatures.

Monika Jain 'Panchhi'
(11/02/2013)

(2)

I am a Bird

I am a bird
I can touch the sky
I am free so
I can fly very high.

Sky is my kingdom
Earth is my bed
Spreading my wings
I am feeling great.

I don't have to face
walls of religion and race
No border limits
can affect my pace.

Mosque, temple and church
Every wall is my residence
By becoming Hindu, Muslim or Christian
I don't lose my significance.

There are no rich
There are no poor
In my world
All are similar.

Monika Jain ‘Panchhi’
(06/2012)

Animals/Birds love is untainted and unconditional. We can learn many valuable lesson about forgiveness, generosity, dignity, peace, trust and love from animals. They accept us whole. They are cool with however we look and feel. They make us feel important. They respond better to our care, love and friendship. They are honest, helpful and faithful.
Animals, birds and other creatures are never ungrateful. Even in time of danger and tragedy they save our lives. When they love someone it’s clear. When they don’t it's also clear. They don’t play with feelings and emotions of anyone. They don’t know betrayal, deceit and foul play. They are better than we humans on many grounds.

June 8, 2012

Father's Day Poem in English

Father is one of the most important persons in our life. He shares very deep and faith filled relation with us. Father’s day is celebrated in the honor and respect of all the fathers on the third sunday in the month of june. The below poems are dedicated to all the fathers of this world. Let’s make this day special for our daddies.

(1)

As The Father He is God

Who teaches us to walk
secures us like rock.

Who never looks for praises
every time who encourages.

Who teaches us to read
who is best friend indeed.

Who brings us new toys
with which we all enjoy.

Who loves us a lot
scolds at our faults.

Who is loving and kind
can read our minds.

Who shows us true ways
to brighten our days.

Who is patient, helpful and strong
when the things go wrong.

Who helps us and hold
at the time of every odd.

Who makes us very bold
as the father he is God.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2013)

(2)

Father is Outstanding

Who is gentle, polite and intelligent
Gives us information about the world’s incidents.

Who is affectionate, dutiful and source of strength
Who is a driving force behind all our achievements.

Who listens, suggests and defends
and support like a best friend.

Who is responsible, caring and sometimes strict
Whenever we need he always assist.

Who is our guiding light
We turn to whom when things are not going right.

Who is outstanding for a variety of reasons
Who is always logical in making decisions.

Monika Jain ‘Panchhi’
(06/2012)

June 7, 2012

Poem on Books in English for Kids


(1)

It's a Book

Fellow of sorrow
Partner of happiness
Friend of joy
Companion of loneliness.

It becomes lamp
when there is darkness
Fills our future with
beauty and brightness.

It's a light
which shows the way
Ignorance and dullness
chasing away.

Increases our knowledge
and paves the way
Keeps our foolishness
far away.

Removes our worries
Removes our tension
Brings the answer of
all the questions.

Shows the truth
and finds the solution
It's a book
no need to mention.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

(2)

Books Are Our Best Friends

Books are the gold mines of art, literature, science and information
They are the source of enlightenment and life blood of a nation.

Books never desert us, they are wonderful gift to mankind
They awaken our conscience and develop our mind.

Books give us an insight into various aspect of life
Books are our best friends, philosophers and guides

Books sharpen our intellect and broaden our mind
They are treasure house open to us day and night.

They enrich our experience and widen our knowledge
They uplift our morals and fill us with courage.

Books lift the poor out of poverty
Books uphold us at the time of adversity.

Fair weather friends fall off when our time is bad
But books encourage us when we feel sad.

The friendship of good books is the medicine of life
While selecting the books we should be judicious and wise.

Monika Jain ‘Panchhi’
(09/2012)

Books are useful in many ways. They are indeed our best companions.

June 6, 2012

Personal Development, Self Improvement Quotes in English

Personal Development  / Self Improvement Quotes

  • Often in our busy life we don't get time for us. Whatever happens, we just react on that and don't think why its happening with us. Develop the realistic understanding of your strengths and weaknesses. Spend some time with yourself and explore your strengths, your potentials and the natural talent you are born with. It will help you in determining your goal and will increase your self confidence. Also think about the things that make you feel bad about yourself. Once you have identified such things the next step is to determine what you can do to change them or improve them and work on that. This will help you in setting your goals and achieving that. This will also help you in choosing right friends and relations in your life and ultimately you will get success in every field.
  • Don't compare yourself with others. Trust your guts. Develop a can-do attitude and everything else will follow. Write down the tasks and goals you want to achieve in a day. Having a list of written plans and instructions means you have a set of actions to perform each day, each one taking you towards your goal. 
  • Don't wait for others to bring success to yourself. Develop the quality of self help. Most successful is one who depends least on others. Quality of self help makes the person self confident and self reliant. 
  • When you don't know something it gives you opportunity to learn. Your troubles make you strong. Your mistakes teach you valuable lessons. Your limitations provide you an opportunity for improvement. Your difficult time help you in growing yourself. It's only your positive attitude that can make difference. 
  • Keep learning. Develop some new hobbies. Join new courses and gain new knowledge and skills. Learn from people who inspire you. Learn from your friends. Learn from everyone. 
  • Don't fear being alone, Learn to like yourself. Don't fear failure, keep trying. Don't fear rejection, have faith in yourself. Don't fear truth, try to see the ugliness in lies. Don't fear dark, see the beauty of starlight. Don't fear destiny, you have power to change your life. 
  • Many times I read 'Don't change yourself for the sake of others'. I can't understand what is bad in changing yourself if it is necessary and good for all. You are not a stone. You are alive so don't be so rigid and always be open for good change in your attitude. The real fact is that you can only change yourself not others. One should always be open to accept new thoughts and suggestions and improve one's thinking. 
  • Be generous and help others with your smile, knowledge, money and other things. Don't laugh at people when they are in difficulty or trouble. Listen everyone politely. Try to remove the feeling of inferiority in others by loving them and by keeping good behavior towards them. 
  • Accept the things which are not in your hands. In this way you can become much happier person. Because when a problem cannot be solved there is no use of worrying. 
  • Everyday you should try something that you fear to do. Move out of your comfort zone as it will help in boosting your self confidence. If you keep doing things you are already comfortable with, you are not improving yourself. Learn something new everyday. 
  • Have a positive attitude. Develop self confidence. Learn from your mistakes, accept your shortcomings and strive for improvement. 
  • Don't read just to enrich your vocabulary...do read to enrich your mind too.
  • Don’t read to strengthen your ego...do read to break the wall of it. 
  • Be good in eyes of yourself before desiring to be good in eyes of others.
  • Be the self motivator. Self-motivation works better than any other source of motivation. 
  • Learn to deal with difficult people. 
  • Commit to your personal growth.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

June 5, 2012

Poem on Environment Pollution in English


It's Time to Prevent

Water is not worth drinking
Air is not worth breathing
Land is not worth living
O God! What's happening?

Noise is unbearable
Food is not edible
Diseases are incurable
Now this is unavoidable.

Forests are disappeared
Animals are endangered
Rivers are polluted
We are badly affected.

O man! please awake
We are now unsafe
If we won't take step
No one will escape.

We will have to regret
We will have to repent
It's time to prevent
Our tamper with environment.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

June 4, 2012

Poem on Rose Flowers in English for Kids

(1)

Flowers

Flowers are the gift of god
They are full of colors
Flowers are the pride of spring
They give smile to us.

Flowers can bloom in mud
They can defeat all odds
Flowers are very soft
But they can grow in thorns.

Flowers live unitedly
They don't show any discrimination
Flowers teach tenderness
They always give inspiration.

Flowers are soul of garden
They are cute and colorful
They are beyond the casteism
They are unique and beautiful.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

(2)

Rose

Rose!
You are so beautiful
You are very pleasing
You bloom in thorns
You are really amazing.

Sun rays feel shy
When they see your aura
You are the king of flowers
So pleasing your aroma.

By staying in books 
You become love memories
You add flavour
in so many love stories.

You show the way to live
You are so auspicious
You smile among thorns
You are very courageous.

Rose!
You are so beautiful
You are very pleasing
You bloom in thorns
You are really amazing.

Monika Jain 'Panchhi'
(23/07/2013)

June 3, 2012

Poem on Independence Day of India in English

(1)

Our Freedom is a Slave

What kind of freedom is this
and What type of independence?
Inflation is touching the sky and
Population is on increased pace.

What kind of government is this
and What type of leaders?
They are looting our country
like foreign traders.

Tug of Languages
Poison of regionalism
Fight of reservation
and Riots of communalism!

Our protectors have become the devourer
Where to go for appeal?
Our freedom is a slave
In this situation how to deal?

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

(2)

India

Freedom of India is defined by :

Cycle of corruption
Threats of violation.

Peaceful India is defined by :

Trap of terrorism
Riots of communal-ism.

Unity of India is defined by :

Poison of regionalism
Termite of racism.

Prosperity of India is defined by:

Increase of inflation
Bait of reservation.

Sacred India is defined by :

Grip of vulgarism
Rape of humanism.

Put your hand on your heart and think again :

Are we really living in
Free, peaceful, sacred and prosperous India?

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

June 2, 2012

Poem on Save Trees in English

Do Yourself a Favor

Trees are the ornaments of earth
They Make the environment pollution free
To save the life on earth
Every person should grow at least a tree.

Trees are the great donors
They are not less than god to us
They provide shelter to
many insects, animals and birds.

Trees provide us cool shadow
and protect us from scorching sun
They provide us fruits, flowers and many things
yet they expect nothing in return.

Trees are good sources of
medicinal herbs, lace and raw materials for industries
We get resins, natural gums, woods
and many more things from the trees.

They give us oxygen to breathe in
and absorb the carbon dioxide
Trees are our best friend
They exist so that we can survive.

Trees check the soil erosion
and maintain its fertility
They help in drought and flood control
and add in natural beauty.

They cause rainfall and
protect water resources under the ground
The hazardous effects of global warming will reduce
When we will plant more and more trees around.

No one is benevolent like trees
Everything they give us is free
But we the humans are very cruel
We unnecessarily cut the trees for fuel.

Please love the plants and trees
and have a friendly behavior
By planting and caring them
do yourself a favor.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

Deforestation is the major problem nowadays. It is creating many environmental problems such as pollution, global warming, soil erosion etc. It is time to save forests for our own future. We should promote afforestation otherwise one day will come when it will become impossible to survive on this earth. So save trees and save our planet.

June 1, 2012

Poem on Save Water in English

Save Water to Save Life

Water is the nature’s precious gift to mankind
It is the lifeblood of the planet
No one can live without water
So conserve water to help you and the environment.

Water is the basis of life
It relieves us from heat
It quenches the thirst of every creature
It makes us clear and neat.

Water is inevitable source of energy
It can recharge our weariness
It can revitalize our skin
It helps to absorb nutrients.

It's the ornament of earth
Becomes cloud and sends rain
It gives pleasure in the form of waterfall
Becomes river and flows again.

It becomes pearl of oyster
It is savior of all
Gives greenery to trees
and life to soil.

Water is a mean of communication
It is used to carry our goods and trade
It is essential for the growth of forests
It is used in the manufacturing of many products.

Water is a privilege
A lot of us taking it for granted
Desperately using of water is a bad sign
It should be strictly avoided.

Drinking water is a rare commodity
It needs careful planning and management
As water is an integral part of our daily life
On which we are heavily dependent.

Recognize the value of water
Save it to save life
Otherwise the day will come
When no one will survive.

Save water for the earth, family and community
Save water to fight against global warming situations
Save water for the social and economic development
Save water for the survival of our future generations.

Monika Jain 'Panchhi'
(06/2012)

May 7, 2012

Poem on Friendship Day in Hindi


दोस्तों की दोस्ती 

दोस्तों की दोस्ती भी क्या चीज है
खट्टी-मीठी ये यारी बड़ी लजीज़ है
दोस्तों बिन दुनिया सूनी है यारो
हर दोस्त को ये दोस्ती बड़ी अजीज़ है।

वो बारिश की मस्ती में बरसता जो शोर
वो काग़ज की नावें बहाने की होड़
वो हाथ बदलती पतंगों की डोर
वो बिजली के जाने पर हो-हो का शोर
हर दिल के ये यादें बड़ी करीब है 
दोस्तों की दोस्ती भी क्या चीज है।

वो क्लासेस की बंकिंग कर कैंटीन में जाना 
वो चाय की चुस्की और गप्पे लड़ना 
वो असाईनमेंट की याद लास्ट डेट को आना 
और जैसे भी तैसे भी जुगाड़ बिठाना 
कुछ पाने और खोने की ये रीत है 
दोस्तों की दोस्ती भी क्या चीज है।

हंसाती-रुलाती है दोस्ती 
सताती-मनाती है दोस्ती 
मुस्कुराती-खिलखिलाती है दोस्ती 
गुदगुदाती-गुनगुनाती है दोस्ती 
हर दिल में समाया बस यही गीत है 
दोस्तों की दोस्ती भी क्या चीज है। 

Monika Jain 'पंछी' 
(05/2012)