July 22, 2013

Poem on Camel in English for Kids

Ship of Desert

The ship of desert is neglected today
The true companion of man
is considered useless nowadays.

It can move a long distance without water
It is known for its patience and endurance
It is gentle and very hardy
played a critical role in the area of war and defense.

The milk of camel cures many diseases
The wool is used to make many accessories
It’s dung is used for fuel
As a mode of transportation heavy loads it carries.

No protection is given to camels
They are cut in slaughterhouses
There is no organization of cattlemen
as they are stroller, have no premises.

Cattlemen don't affect the vote bank
So they are neglected by government
For the conservation of camels
There are no laws and no amendments.

Let we search new alternatives
to protect these creatures
Otherwise we have to import
even milk and cereals from other places.

Monika Jain 'Panchhi'
(22/07/2013)

Camel is a very important animal of desert area. It is an important component of the ecosystem of deserts. Camels played a critical role in the field of transportation, war and defense as a faithful animal. With the changes in scenario, now needs of camels have decreased. That’s why this rare animal is being neglected by us. Earlier India’s rank was third in the world in terms of the number of camels. But now it has reached to the tenth position. Now camel’s life is completely in danger. All the initiatives taken by state and central government have proved inadequate to save this animal. The sad thing is that no special efforts are being made to handle this situation.

July 7, 2013

Bal Gangadhar Tilak Biography in Hindi

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

जीवन परिचय :
  • बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के चिखली नामक गाँव में हुआ था। वे संस्कृत के प्रकांड विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक, राष्ट्रवादी नेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे।
  • उनका परिवार सुसंस्कृत ब्राह्मण परिवार था। उनके पिता का नाम गंगाधर रामचंद्र तिलक था जो एक लोकप्रिय शिक्षक थे। 
  • 15 वर्ष की आयु में उनका विवाह कर दिया गया। उनकी पत्नी का नाम तापी था जिसे बाद में सत्यभामा के नाम से जाना गया। 
  • 1876 में उन्होंने डेक्कन कॉलेज से बी. ए. ओनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण की और 1879 में उन्होंने बम्बई विश्वविद्यालय से एल० एल० बी० की डिग्री प्राप्त की। 
  • वे मौलिक विचारों वाले संघर्षशील, परिश्रमी और परोपकारी व्यक्ति थे। वे स्वराज की मांग करने वाले पहले व्यक्ति थे।

 सामाजिक / राष्ट्रीय / साहित्यिक योगदान :
  • भारत में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 2 जनवरी, 1880 को उन्होंने विष्णु शास्त्री और नामजोशी के साथ मिलकर पूना में 'न्यू इंग्लिश स्कूल' शुरू किया। जिसमें बाद में उनके मित्र आगरकर और वी एस आप्टे भी शामिल हो गए। इसे बाद में 'डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी' का रूप दिया गया। सहयोगियों से विचार ना मिलने के कारण 1890 में उन्होंने इस सोसाइटी से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद उन्होंने कानून की शिक्षा देना शुरू किया। उनका संस्थान छात्रों को हाईकोर्ट और वकालत की परीक्षा की तैयारी करवाता था।
  • 1896 में 'बम्बई प्रेसीडेंसी' में अकाल पड़ने पर तिलक राहत कार्यों में जुट गए। पूना में उन्होंने सस्ते अनाज की दुकाने खोलकर अकाल के कारण होने वाले दंगो को रोका। 1902 में पूना में प्लेग के फैलने पर उन्होंने 'हिन्दू प्लेग अस्पताल' शुरू किया और इसके लिए धन एकत्रित किया और लोगों की सेवा की।
  • तिलक जी ने 'मराठा दर्पण' और 'केसरी' नाम के समाचार पत्रों के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध बिगुल बजाया। उन्होंने कहा, ‘‘केसरी निर्भयता एवं निष्पक्षता से सभी प्रश्नों की चर्चा करेगा। ब्रिटिश शासन की चापलूसी करने की जो प्रवृत्ति आज दिखाई देती है,वह राष्ट्रहित में नहीं है। ‘केसरी‘ के लेख इसके नाम को सार्थक करने वाले होंगे।” इसमें प्रकाशित कुछ लेखों की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा।
  • तिलक जी कांग्रेस के गरम दल के नेता थे। गरम दल में इनके साथ लाला लाजपतराय और विपिन चन्द्र पाल भी थे। इन्हें 'लाल बाल पाल' के नाम से जाना जाता था।
  • भारत के वायसराय लार्ड कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन करने का उन्होंने तीव्र विरोध किया। 
  • 1908 में प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस के बम हमले का समर्थन करने की वजह से इन्हें बर्मा (वर्तमान म्यांमार) की जेल में भेज दिया गया। मांडले जेल में उन्होंने 'गीता रहस्य' नामक पुस्तक लिखी जो उनकी सर्वोत्कृष्ट कृति है, जिसका कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है। 
  • 'स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूँगा' इस नारे के उद्गोष के साथ 1914 में इन्होंने 'इंडियन होमरूल लीग' की स्थापना की।
  • 1916 में उन्होंने मुहम्मद अली जिन्ना के साथ 'लखनऊ समझौता' किया। 
  • वे बाल विवाह और छुआछूत के विरोधी थे। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने का समर्थन किया और लोगों को भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने स्वदेशी के प्रयोग और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार पर बल दिया। भारतीयों को एकसूत्र में पिरोने के लिए उन्होंने गणेशोत्सव और शिवाजी दिवस का शुभारम्भ किया।

 प्रमुख कृतियाँ :
  • गीता रहस्य
  • The Orion or The Researches Into the Antiquity of the Vedas
  • The Arctic Home of The Vedas

 पुरस्कार / सम्मान :
  • तिलक जी के कार्यों की वजह से उन्हें लोकमान्य की उपाधि दी गयी। उन्हें 'हिन्दू राष्ट्रवाद का पिता' भी कहा जाता था।
  • महात्मा गांधी ने उन्हें 'आधुनिक भारत का निर्माता' और पंडित नेहरु ने उन्हें 'भारतीय क्रांति का जनक' कहा।

 मृत्यु :
  • 1 अगस्त, 1920 को बम्बई में उनकी मृत्यु हो गयी।
  • उन्होंने कहा था, ‘राष्ट्र की स्वाधीनता मुझे सर्वाधिक प्रिय है। यदि ईश्वर मुझे मुक्ति और स्वर्ग का राज्य दे तो भी मैं उसे छोड़कर ईश्वर से स्वाधीनता की ही याचना करूँगा।’